ईओ विहीन पालिका बेसाखियों के सहारे दम तोड़ रहा शहरी सेवा शिविर में जनता नदारद काम ठप कुर्सीयो पर बैठ कर ताकतें रहते है कर्मचारी
अधिकारी के अभाव में शिविर बना औपचारिकता,आमजन पालिका के चक्कर काटने को मजबूर
अंता (शफीक मंसूरी ) राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से नगर पालिका में संचालित शहरी सेवा शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन अंता नगर पालिका में यह अभियान अधिकारी के अभाव में पूरी तरह पटरी से उतरता नजर आ रहा है। पिछले महीने माह जून से आयोजित लगभग 20 वें दिन शिविर में हालात ऐसे रहे कि छोटे-मोटे कार्यों को छोड़ अधिकांश मामलों में कोई निस्तारण नहीं हो सका। रिपोर्टिंग के समय शिविर में एक भी आमजन मौजूद नहीं था, जबकि केवल पालिका कर्मचारी ही बैठे दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार शिविर के दौरान शहर में साफ-सफाई, सीसी एवं डामर सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करना, नई लाइटें लगाना, पार्कों व सार्वजनिक स्थलों का रखरखाव, यूडी टैक्स जमा करना, लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टे जारी करना, नालियों व मेनहॉल की मरम्मत, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, साइनेज लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, मोबाइल टावर एनओसी, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सहित भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, भू-उपयोग परिवर्तन और विभिन्न पट्टा प्रकरणों का निस्तारण किया जाना है। लेकिन अधिकारी नहीं होने के कारण अधिकांश कार्य लंबित पड़े हैं।
आमजन का कहना है कि शिविर लगने के बावजूद उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार नगर पालिका के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शिविर का उद्देश्य लोगों को राहत देना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह अभियान केवल कागजी साबित हो रहा है। गौरतलब है कि मई 2026 में अधिशासी अधिकारी दीपक नागर का एपीओ होने के बाद कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी सहायक अभियंता महेंद्र सिंह जाटव कों चार्ज सौपा गया एक माह पूरा नहीँ किया उससे पहले ही रिश्वत की रकम ले जाते हुए एसीबी ने धर दबोचा जाँच जारी होते हुए वापस अंता नगर पालिका आकर कार्यवाहक अधिशासी आधिकारिक की कुर्सी पर बैठकर टाइम पास किया कुछ दिन बाद निलंबित हुए लगभग 20 दिन से बिना ईओं के नगर पालिका चल रही है कार्यवाहक अधिशाषी के अधिकारी महेंद्र सिंह जाटव का निलंबित होने के बाद से आज तक नगर पालिका में नियमित या अतिरिक्त प्रभार के रूप में किसी अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। लेकिन नगर पालिका में दैनिक प्रशासनिक कार्यों के लिए ईओ के अभाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। शहरवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई तो शहरी सेवा शिविर का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो जाएगा और जनता को राहत मिलने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


