डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बूथ स्तर पर हुआ नमन
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर मकराना शहर मंडल के अधिकांश बूथों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
जयंती के उपलक्ष्य में शहर के आंट वाले बालाजी, भाटीपुरा, गहलोत कॉलोनी, गुणावती, इंदौरा वाटिका, जोशी जी की आखली, माताभर, नायकों की ढाणी और बोरावड़ सहित विभिन्न बूथों पर कार्यक्रम आयोजित कर डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया गया।
- प्रखर राष्ट्रवाद के प्रणेता थे डॉ. मुखर्जी: मुरावतिया
कार्यक्रम का मुख्य आयोजन महावीर टेंट हाउस में किया गया, जिसे संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रूपाराम मुरावतिया ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा और सोच प्रदान की। उन्होंने प्रखर राष्ट्रवाद और एकात्मक भारत का जो सपना देखा था, उसी को साकार करने के लिए उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी।
मुरावतिया ने आगे कहा कि यह बेहद सौभाग्य का विषय है कि 75 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, उनकी जन्मभूमि बंगाल में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार राष्ट्रवादी सरकार की स्थापना हुई है। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं और देवतुल्य मतदाताओं को दिया।
- जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान
समारोह के दौरान महिला जिला उपाध्यक्ष कल्पना जैन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे डॉ. मुखर्जी के सिद्धांतों और उच्च आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर राष्ट्र सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें।
इस गरिमामयी अवसर पर मंडल अध्यक्ष जे.के. इंदौरा, देवेश स्वामी, मो. जुबेर, सुरेन्द्र जाखड़, मनोज नाथ, रामस्वरूप खटोड, मनोज टांक, अक्षय सोनी, राहुल पुरी, तेजाराम, सिद्धार्थ बींजरावत, विनोद कुमार शर्मा, श्यामसुंदर जांगिड़, तिलोक सैनी, मोहन सोलंकी, सुनील भादू, सोनू पंडित और रामसिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


