त्याग और तपस्या की अनूठी मिसाल: साध्वी ऋषभनिधीश्रीजी की 65वीं ओली का पारणा संपन्न
कालन्द्री के उज्ज्वला फार्म रिट्रीट पर पूर्ण सादगी से हुआ आयोजन; पारणे के अवसर पर मनाया गया जीवदया महोत्सव
सिरोही (राजस्थान) जैन शासन में त्याग और तपस्या की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, दीक्षा के 19 वर्ष पूर्ण कर 20वें वर्ष में प्रवेश करने वाली 42 वर्षीय तपस्वी साध्वीश्री ऋषभनिधीश्रीजी की 65वीं ओली का पारणा आज पूर्ण सादगी के साथ संपन्न हुआ। बिना किसी बाहरी आडंबर और दिखावे के यह पावन प्रसंग कालन्द्री स्थित उज्ज्वला फार्म रिट्रीट पर आयोजित किया गया, जहाँ उपस्थित साधक और श्रावक-श्राविकाएं इस अलौकिक दृश्य को देखकर गद्-गद् हो गए।
- शाह परिवार को मिला पारणा करवाने का सौभाग्य
आर. के. ट्रस्ट के संस्थापक रमेश पी. शाह ने बताया कि उनके परिवार के लिए यह क्षण अत्यंत सुखद और सौभाग्यशाली रहा। युवा आचार्यश्री लब्धिवल्लभसूरीजी महाराज साहेब की पावन निश्रा में तपस्वी साध्वीजी का पारणा करवाने का परम लाभ रमेश कुमार पी. शाह, उनकी धर्मपत्नी उज्ज्वला शाह, पुत्री डॉ. प्रिया और दामाद वरुण जैन सहित पूरे शाह परिवार को मिला।
- पशु आश्रय स्थल पर मनाया जीवदया महोत्सव
पारणे के इस पावन अवसर को 'जीवदया महोत्सव' के रूप में मनाया गया। सभी श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ फार्म हाउस पर बने पशु आश्रय स्थल पहुँचे। इस अवसर पर आचार्यश्री ने जीवदया पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "जीवन में अबोल प्राणियों की सेवा करना भी एक तरह का महान तप है। इन मूक पशुओं के आशीर्वाद से जीवन को असीम सुकून मिलता है।" इस दौरान शिविर में आए साधकों ने गौवंश को 36 आयुर्वेदिक औषधियों से बने पौष्टिक लड्डू और हरा चारा खिलाकर पुण्य लाभ कमाया।
- शीतल सतावत से साध्वी ऋषभनिधीश्रीजी बनने का सफर
संसार की असारता को समझकर अल्प आयु में ही वैराग्य का मार्ग चुनने वाली साध्वीजी का दीक्षा से पूर्व नाम शीतल सतावत था। उन्होंने अपने संयम जीवन में मासक्षमण, सिद्धितप, उपधान और आयंबिल तप जैसी कठिन साधनाएं की हैं। आज 65वीं ओली पूर्ण होने पर उन्होंने असीम आनंद की अनुभूति व्यक्त की। बिना किसी प्रचार के निरंतर साधना में लीन रहने वाली साध्वीजी के दर्शन कर शिविरार्थियों ने जीवन में संयम अपनाने की प्रेरणा ली।
- भक्ति रस में डूबा वातावरण, कल मनेगा संयम दिवस
शाम होते ही मंदिर परिसर दीपक की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ साधकों ने प्रभु भक्ति में भजनों और गीतों के माध्यम से आनंद की वर्षा की। शाह परिवार ने बताया कि सोमवार (6 जुलाई) को पूज्य आचार्यश्री का 'संयम दिवस' होने के कारण फार्म रिट्रीट पर विशेष साधना, आराधना और अनुमोदना के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


