डीग में खाद-बीज विक्रेताओं पर कृषि विभाग की सख्ती, एक का लाइसेंस निलंबित, 5 को दिए नोटिस
यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी, अधिक कीमत व बिना बिल बिक्री की शिकायतों पर जिलेभर में जांच अभियान, अनियमितता मिलने पर कार्रवाई
डीग (नीरज जैन) खरीफ सीजन के दौरान यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद जबरन देने तथा यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को खाद नहीं देने जैसी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने डीग जिले में खाद-बीज आदान विक्रेताओं के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है।
कृषि विभाग ने सहायक कृषि अधिकारियों एवं कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से जिले के सभी खाद-बीज आदान विक्रेताओं का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान एक विक्रेता का प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निलंबित किया गया, जबकि पांच विक्रेताओं को विभिन्न अनियमितताओं के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही उर्वरक वितरण के दौरान निगरानी के लिए कृषि विभाग के सभी कार्मिकों की ड्यूटी भी विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के यहां लगाई गई है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुरेश मान ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पोस मशीन, स्टॉक रजिस्टर एवं भौतिक सत्यापन में असमानता पाए जाने पर फौजदार ट्रेडर्स, शीशवाड़ा (जिला डीग) का प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि दुकानों पर मूल्य सूची एवं स्टॉक का प्रदर्शन नहीं करने, किसानों को बिना बिल कृषि आदान की बिक्री करने तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर जिले के पांच अन्य कृषि आदान विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
संयुक्त निदेशक मान ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरक एवं बीज निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराएं तथा सभी नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अन्य अनियमितताओं में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 (एफसीओ-1985) के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


