यूरिया खाद को भूतौली में उमडे किसान; कृषि विभाग की कालाबाजारी की रोकथाम पर नजर, टीम के समक्ष बेचा गया खाद
हलैना, (विष्णु मित्तल) यूरिया खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी की रोकथाम के लिए कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ.देशराज सिंह एवं उप निदेशक डॉ.राधेश्याम मीणा ने जिले में टीम गठित करके समस्त विभागीय अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को निर्देश जारी कर रखे है कि जहां भी खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी नजर आए,उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करे और किसानों को उचित दर यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराए। सोमवार को वैर तहसील के गांव भूतौली एवं भुसावर तहसील के गांव इटामडा में यूरिया खाद का बेचान हुआ और खाद की भनक लगने पर भारी सख्यां में किसान उमड पडे। इन गांव में कृषि विभाग की टीम के समक्ष आधार कार्ड से खाद उपलब्ध कराया गया।
बयाना के कृषि अधिकारी मुनीम सिंह ने बताया कि एनएफएल कम्पनी का किसान यूरिया के रविवार की देर सायं गांव भूतौली एवं इटामडा 500 कट्टे किसान यूरिया के आए। जिनकी सोमवार को दोनों गांव की फर्मो का स्टाक रजिस्टर के आधार पर गोदाम की जांच कर ब्रिकी कृषि विभाग की टीम के समक्ष करने के निर्देश जारी किए। टीम के प्रभारी एवं सरसैना हल्का के वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक हरीदास को मौके पर पहुंचे और किसानों की भीड को देखकर एक आधार कार्ड पर अधिक से अधिक दो यूरिया कट्टे उचित मूल्य पर ब्रिकी करना तय किया गया और दोपहर तक दोनों फर्मो का यूरिया स्टाक शून्य हो गया। उन्होने बताया कि वैर,भुसावर,नदबई,बयाना,रूपवास,उच्चैन उपखण्ड में किसानों की समस्या के समाधान एवं खाद की कालाबाजारी की रोकथाम के लिए कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ.देशराज सिंह,उप निदेशक डॉ.राधेश्याम मीणा एवं सहायक निदेशक डॉ.हरभान सिंह आदि नजर रखे हुए है। उन्होने बताया कि जहां भी उचित दर से अधिक यूरिया मिले उसकी सूचना विभाग को देंवे और खाद विक्रेता की फर्म का नाम भी उजागर करें। हलैना के सहायक कृषि अधिकारी दानवीर सिंह एवं कृषि पर्यवेक्षक संजय शर्मा , हरीदास आदि अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे है।
- डबल इंजन सरकार का नेता हूं, मुझे खाद दो
कस्वा हलैना में रविवार को हलैना-नदबई रोड पर एक खाद विक्रेता के पास यूरिया आया था,जिसको लेने के लिए भारी सख्यां में किसान उमड पडे। तभी एक लग्जरी गाडी में सफेद कुर्ता पाजामा पहने एक नेताजी आए और विक्रेता से बोले कि मै डबल इन्जन सरकार का नेता हूं और निवर्तमान नेताजी ने भेजा हंू। मुझे यूरिया खाद के 25 कट्टे दो,वरना तेरा लाईसेस रद्द करवा दूंगा। ये शब्द कुछ किसानों ने सूने और उक्त किसानों ने नेताजी को खरी-खोटी सुना दी और किसानों ने नेताजी का विरोध जताया,तभी एक अन्य नेता जी ने उस नेता को फटकार लगाई और घर जाने की सलाह दी। उसके बाद नेता जी घर चले गए। किसानों में चर्चा है कि ये निवर्तमान नेता जी कौन है और ये धमकी देने वाले नेताजी कहां के थे।


