बीरम की माता (शीतला माता) का प्राचीन विशाल मेला शुक्रवार 21 मार्च को भरेगा

रैणी (अलवर /महेश चन्द मीना) अलवर के रैणी-उपखंड क्षेत्र की बहडको कला पंचायत मुख्यालय पर स्थित बीरम की माता मंदिर पर कल शुक्रवार को लक्खी मेला भरेगा और शीतलाष्टमी को बास्योडा के रूप मे ठण्डे पकवान से माताजी को पूजा जाता है और ये 7 बहिन बताई जाती है जिनकी सभी की पूजा होती है तथा माताजी के मन्दिर मे ही भैरू बाबा भी स्थित है जिसकी भी इनके साथ साथ पूजा होती है और माता के मंदिर के पिछे की और जोरावर बाबा भी विराजमान है सभी श्रदालुओ के द्वारा इन सभी की पूजा की जाती है।
सुना जाता है कि यह मेला हजारो साल से हर वर्ष ही चैत्र मास के शुरूआत मे होली से 8 दिन बाद ही लगता आया है। बताया जाता है प्राचीन काल से ही चेचक (बडी माता) के लिए बीरम की माता का पूजन किया जाता है।






