अंता नगर पालिका क्षेत्र में चल रहा अतिक्रमण करो अभियान तुरंत हो रहा निर्माण
अतिक्रमणियो के हौसले इतने बुलंद बेधड़क बेझिझक रोड पर डाल रहे निर्माण सामग्री
अंता(शफीक मंसूरी ) नगर पालिका का दुर्भाग्य है राजनीति के कारण नगर पालिका का प्रशासनिक चार्ज एसडीएम उपखण्ड जिम्मेदार अधिकारी के होने के बावजूद नगर पालिका की जमीनों पर धड़ल्ले से कब्जे किए जा रहे हैं हालत तो यह है कि अतिक्रमण करने वालों ने बेधड़क बेझिझक निर्माण कार्य किया जा रहे हैं जिसकी निर्माण सामग्री रोड पर डाली जा रही है जिसकी जिम्मेदार अधिकारियों को कोई ध्यान नहीं यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में ऐसा नहीं अंता नगर को अतिक्रमण नगर के नाम से जाना जाए, कस्बे में नगर पालिका की जमीनों पर अतिक्रमण की बेशुमार भरमार कस्बे में इन दिनों नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्ज़ा करने की मची होड़ निर्माणाधीन जमीन सरकार की खाली जमीन भू माफियाओं की नगर पालिका की लाखों की जमीन पर अवैध निर्माण जारी आपको बता दे इन दोनों अंता कस्बे में शिवाजी चौक कवासपुरा की पुलिया के बिल्कुल नजदीक नगर पालिका की भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण जारी अवैध निर्माण को रोकने के लिए नगर पालिका कर्मचारी अपनी औपचारिकता पूरी कर रहे हैं निर्माणकर्ता शनिवार रविवार दो दिन की छुट्टी होने के कारण अधिक मजदूर लगाकर निर्माण कार्य किया जाता है ताकि नगर पालिका से कोई भी कर्मचारी काम को रुकवाये नहीं यह अवैध निर्माण कर्मचारियों की मिली भगत से हो रहे हैं दिखावे के तौर पर कर्मचारी मौके पर जाकर गेती तगारी फावड़े जाप्त कर नगर पालिका में रख दिए जाते हैं लेकिन कुछ ही देर बाद जप्त किये सामान निर्माण कर्ता को वापस लोटा दिए जाते हैं ऐसे में कर्मचारियों के ऊपर सवालिया निशान उठना लाजमी हैं
नगर पालिका में क्षेत्र में आवासीय व्यवसाय या अन्य अवैध निर्माण बिना अनुमति निर्माण की जानकारी मिलने पर नगर पालिका स्तर पर कार्रवाई की जाती है। निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर मौके से सामान जप्त कर जवाब तलब करते हैं फिर कुछ दिन बाद अवैध निर्माण या भूखंड निर्माण काम को चालू करवा दिया जाता है और इमारतें बन कर हो जाती है तैयार सरकार को लग रहा है लाखों का चूना
नगरपालिका के तहत आने वाले विभिन्न वार्डो में बिना नक्शा पास करवाये बन रहे रिहायशी व व्यवसायिक भवनों पर नगरपालिका ने अब तक सख्त रूख अख्तियार नहीं किया है नगरपालिका के अधिकारियों की टीम ने नपा क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराये भवन का निर्माण कार्य शुरू करने पर कुछ मकान मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगरपालिका एक्ट के तहत नगर में भवन निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना अनिवार्य है। जिसके तहत मकान मालिकों को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय नगरपालिका कार्यालय में मकान का नक्शा सहित संबंधित दस्तावेज भी जमा करवा कर स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है।नगर निकाय विभाग द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में बनने वाले मकानों के लिये नियम बनाये गये हैं जिसके तहत मकान की उंचाई व गली से मकान के लेवल व अन्य आवश्यक मापदंड निर्धारित किये गये हैं। बता दें कि अंता नगरपालिका क्षेत्र में बेतरतीब ढंग से मकान बनाये जाने का सिलसिला गत काफी समय से जारी है। जिससे कहीं न कहीं यह अवैध निर्माण अतिक्रमण का कारण भी बनते हैं। परंतु अब लगातार बढ़ रही अवैध कालोनियों व निर्माण को लेकर विभाग कार्यवाही नहीं करने से हो रहे होंसले बुलंद
बिना अनुमति निर्माण जोरों पर क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण जोरों पर चल रहे हैं, लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अफसर निर्माण कार्यों पर पाबंदी व इन्हें रोकने की दिशा में कदम उठाने को तैयार नहीं है। इसके कारण आने वाले वक्त में अवैध निर्माण नगर पालिका के लिए ही मुसीबत साबित होंगे कस्बे की आबादी लगभग 50 हजार है। कस्बे में चारो और अवैध निर्माणकर्ता इन दिनों कस्बे में हर कही अवैध निर्माण जोरों पर चल रहा है।
भवन निर्माण अनुमति के लिए यह जरूरी नगर पालिका से भवन निर्माण की अनुमति लेने के लिए निर्माणकर्ता या भवन मालिक को आवेदन देना होता है। इसमें आवेदन के साथ नक्शा, जमीन के कागजात सहित अन्य दस्तावेज लगाने होते हैं। इसके बाद सक्षम अधिकारी या इंजीनियर मौका-मुआयना कर भवन निर्माण की अनुमति जारी करता है।
अवैध निर्माण में रुझान क्यों
पालिका क्षेत्र के अधिकांश लोगों के पास जमीन के दस्तावेज नहीं हैं। नगर पालिका के अधिकारी कागजी कार्रवाई के नाम पर आवेदक को बेवजह चक्कर खिलाते हैं। समस्या के कारण कस्बे के अधिकांश अवैध निर्माणकर्ताओं को कई अफसरों व रसूखदारों का नेताओं संरक्षण हासिल होता है भवन निर्माता व मालिक कागजी कार्रवाई के बिना निर्माण शुरू कर देते हैं अनुमति प्राप्त करने की झंझट व आर्थिक मार से बचते हैं अवैध निर्माण के बाद अधिकारी से समझौता कर लेते हैं राजनीतिक अड़ंगेबाजी व शिकवा-शिकायत से बचते हैं। नगर पालिका अवैध निर्माण से राजस्व का नुकसान होता है संबंधित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं जुटाने का बोझ बढ़ता है। नगर पालिका के रिकॉर्ड में अवैध निर्माण की संख्याओं में काफी इजाफा होता जा रहा है।
फायदा सिर्फ इन्हें
शिकवा-शिकायत कर माल बटोरने वालों को ऐसे निर्माण से फायदा होता है। इसके अलावा परोक्ष-अपरोक्ष रूप से कार्रवाई व जांच के नाम पर पैसे वालों की भी कस्बे में अच्छी-खासी तादाद हैं, लेकिन अधिकृत रूप से अवैध निर्माणकर्ता व जनता ऐसे लोगों के नाम उजागर नहीं करती है यदि कस्बे की जनता जागरूक हो जाए तो अंता कस्बे में भ्रष्टाचार पर अंकुश कुछ हद तक लग सकता है