भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से भरतपुर एवं डीग जिलों के सभी नोडल अधिकारियों के साथ कालीबाई भील उड़ान योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। उन्होंने योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं अन्य संस्थाओं में सेनेटरी नैपकिन की आपूर्ति के बाद नोडल अधिकारियों द्वारा अपनी जांच समिति के माध्यम से नैपकिन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। सत्यापन के पश्चात् चालान के माध्यम से संबंधित सीडीपीओ, सीबीईओ एवं डीडीसी द्वारा ई-औषधि पोर्टल एवं शाला दर्पण पोर्टल पर रिवर्स एंट्री की जाए। आपूर्तिकर्ता द्वारा चालान के प्रमाणीकरण के उपरांत इनवॉइस, क्रय आदेश की प्रति एवं क्यूसी टेस्ट रिपोर्ट की प्रति जिला परियोजना समन्वयक को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया तथा सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे योजना के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह द्वारा संबंधित नोडल विभागों आईसीडीएस, स्कूल शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जनजाति मामलात एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने विभागीय अधिकारियों के माध्यम से वितरण केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा निरीक्षण रिपोर्ट उप निदेशक, महिला अधिकारिता, भरतपुर को तत्काल उपलब्ध कराएं।
उप निदेशक, महिला अधिकारिता राजेश कुमार ने बैठक में बताया कि कालीबाई भील उड़ान योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं को संबंधित वितरण केंद्रों के माध्यम से प्रति माह 2 पैकेट सेनेटरी नैपकिन निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं माहवारी स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। वीसी के दौरान डीग, भरतपुर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी जुड़े।