राजस्थान मदरसा बोर्ड की अभिनव पहल; तीर्थंकर दिवस ( ऋषभ नवमी ) पर मदरसों में आयोजित होगे विभिन्न कार्यक्रम
जयपुर (राजस्थान) जैन धर्म के प्रवर्तक देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक के उपलक्ष्य में समस्त राज्य के मदरसों, अल्पसंख्यक छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों एवं अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शिक्षण संस्थानों में ऋषभदेव भगवान के जीवन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं कराने का निर्णय लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय को अनूठा उपहार दिया है l जिससे सम्पूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है l राजस्थान मदरसा बोर्ड के सचिव चेतन चौहान ने समस्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश जारी कर निदेश प्रदान किये l यह आयोजन 15 मार्च तक होगे l
- विभिन्न आयु समूह के आधार पर होगी प्रतियोगिता
तीर्थंकर दिवस ऋषभ नवमी (चैत्र कृष्ण नवमी ) के उपलक्ष्य में मदरसों, अल्पसंख्यक छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों एवं अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शिक्षण संस्थानों में भगवान ऋषभदेव के जीवन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन आयु समूह के आधार पर किया जाएगा l
पूर्व प्राथमिक स्तर ( 3-6 वर्ष ) : ज्ञानवर्धक खेल, ऋषभदेव के जीवन पर आधारित फिल्म / डॉक्यूमेंट्री, श्रमणों के प्रवचन, कहानी सुनाना और प्रार्थना आदि l
प्राथमिक स्तर ( 6-10 वर्ष ) : प्रार्थना, रंगोली, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण, श्रमणों के प्रवचन l
माध्यमिक स्तर (11- 18 वर्ष ) : रंगोली, चित्रकला, मरुदेव के सोलह सपने लघु फिल्म, पोस्टर निर्माण, श्रमणों के प्रवचन और डिजिटल प्रस्तुतियाँ, खेल और फिटनेस l
चित्रकला और पोस्टर निर्माण के विषय :-
- 1जैन धर्म के प्रवर्तक ऋषभदेव के जन्म, दीक्षा, तप, ज्ञान, उपदेश और चारित्र से सम्बन्धित चित्र
- 2.राष्ट्रीय एकता
- 3.ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह, स्वास्तिक
- 4.पर्यावरण संरक्षण
राजस्थान मदरसा बोर्ड की अभिनव पहल
तीर्थंकर दिवस ऋषभ नवमी 12 मार्च के अवसर पर शिक्षा विभाग की ओर से मदरसों, छात्रावासों, आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में आयु समूह के आधार पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन करवाना मदरसा बोर्ड की अभिनव पहल है l जिसकी अल्पसंख्यक वर्ग का युवा वर्ग बहुत बहुत अनुमोदना करता हैं l इसके लिए राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् ने राजस्थान सरकार और अल्पसंख्यक मामलात विभाग के मुखिया के समक्ष निवेदन किया था l इन प्रतियोगिता में मदरसों, छात्रावासों, आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भाग लेगे l
- विद्यार्थियों को देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जीवन से मिलेगी प्रेरणा - जस्टिस नरेन्द्र जैन
इस अवसर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के परम संरक्षक नरेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक तीर्थकर दिवस पर मदरसों, छात्रावासो, आवासीय विद्यालयों एवं अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में आयु समूह के आधार पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करने से विद्यार्थियों को उनके जीवन और कार्याेँ से प्रेरणा मिलेगी। इससे वे अपने लक्ष्यों प्राप्त करने को प्रेरित होंगे। बच्चों को अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के इतिहास और संस्कृति एवं परम्पराओं का जानने का अवसर मिलेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में अहिंसा, अपरिग्रह के गुण विकसित होंगे और सत्य वचन बोलने आदत का विकास होगा। इसके अलावा उनके माध्यम से भारतीय संस्कृति में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान, स्त्री शिक्षा का सूत्रपात करने के जानकारी भी बच्चों को मिलेगी।
- जैन समुदाय एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवा वर्ग ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
इस अवसर पर अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय एवं सम्पूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग के युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री भजनलाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझडिया और संयुक्त शासन सचिव असलम शेर खान एवं निदेशक मातादीन मीणा तथा अतिरिक्त निदेशक अबू सूफियान चौहान अल्पसंख्यक मामलात विभाग, सचिव चेतन चौहान राजस्थान मदरसा बोर्ड, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम कुमार दक, विधायक अतुल भंसाली, अशोक कुमार कोठारी, प्रताप सिंह सिंघवी, ताराचन्द जैन, लादु लाल पितलिया आदि का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।