युवा लेखक प्रिंस चौबीसा की पुस्तक “तीन रास्ते, एक ज़िंदगी” का विमोचन
उदयपुर।(मुकेश मेनारिया) युवा लेखक प्रिंस चौबीसा द्वारा लिखित प्रथम पुस्तक “तीन रास्ते, एक ज़िंदगी” का भव्य विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाराज रणधीर सिंह भींडर पूर्व विधायक वल्लभनगर ने पुस्तक का विमोचन किया तथा लेखक को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दीं। महाराज रणधीर सिंह भींडर ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि “इतनी कम उम्र में जीवन जैसे गहन विषय पर लिखना वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि है। आज का युवा मानसिक उलझनों, तनाव, निर्णय-भ्रम और भविष्य की चिंता से जूझ रहा है। ऐसे समय में इस प्रकार की पुस्तक युवाओं को सोचने, समझने और स्वयं को पहचानने की प्रेरणा दे सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि युवा लेखक का यह प्रयास समाज में चिंतन और सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम में लेखक प्रिंस चौबीसा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए बताया कि इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा उन्हें अपने जीवन के अनुभवों और आज के युवाओं में बढ़ती अति-चिंतन , पहचान-संकट, निर्णय को लेकर भ्रम तथा मानसिक दबाव जैसी समस्याओं को समझने के बाद मिली। उन्होंने कहा कि आज का युवा हर समय भविष्य, करियर, रिश्तों और समाज की अपेक्षाओं के बीच उलझा रहता है, जिसके कारण मन अशांत रहता है। लेखक ने बताया कि पुस्तक का मूल विचार यह है कि मनुष्य का जीवन मुख्य रूप से तीन रास्तों के बीच चलता है स्वयं के लिए ,परिवार व समाज के लिए,
अध्यात्म के लिए पुस्तक इन तीनों मार्गों के बीच संतुलन स्थापित करने की मानसिक उलझनों को सरल उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। लेखक ने कहा कि यह पुस्तक केवल प्रेरणा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पाठक को अपने विचारों को समझने, स्वयं को देखने और जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने की दिशा में ले जाती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्य-प्रेमियों एवं युवाओं ने पुस्तक में विशेष रुचि दिखाई और लेखक को आगे भी लेखन जारी रखने हेतु प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य नागरिक, युवा वर्ग एवं साहित्य-प्रेमियों की उपस्थिति रही। आयोजन के अंत में लेखक ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।