रीना यादव को (कानून के क्षेत्र में) मिली पीएच-डी. की उपाधि
बांसवाड़ा (रामलाल यादव) रीना यादव ने कानून के क्षेत्र में "दक्षिणी राजस्थान के जनजाति क्षेत्र में महिलाओं के विधिक अधिकार : एक आलोचनात्मक अध्ययन" विषय पर शोध कार्य किया है। रीना यादव को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा ने पीएच-डी. की उपाधि प्रदान की है। रीना यादव ने यह शोध कार्य विधि संकाय के अधिष्ठाता गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के सहआचार्य डॉ.राकेश डामोर के निर्देशन में पूर्ण किया है।
रीना यादव द्वारा किया गया शोध कार्य दक्षिणी राजस्थान के जनजाति क्षेत्र की महिलाओं के कानूनी अधिकारों एवं जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रीना यादव वागड़ क्षेत्र के यादव समाज की विधि (कानून) के क्षेत्र में शोध कार्य करने वाली पहली महिला है।
रीना यादव का कहना है कि मैं पहले विज्ञान की विद्यार्थी रही हूं। किंतु मेरे पिता (शंकर लाल यादव पूर्व नर्सिंग अधीक्षक महात्मा गांधी चिकित्सालय बांसवाड़ा) के प्रेरणा स्वरूप कानून के क्षेत्र में उच्च अध्ययन किया है। रीना यादव वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय में सहायक आचार्य (अतिथि व्याख्याता) के रूप में कार्यरत हैं। इनकी गौरवपूर्ण शैक्षणिक योग्यता रही है जिसमें बी.एससी,बी.एड, एम.एससी, एम. (इतिहास), पीजी.डी.आईटी.(कंप्यूटर), बीजे.एम.सी. (पत्रकारिता), एलएल.बी, एलएल.एम,पीएच-डी. और सेट(विधि) आदि उपलब्धियां अर्जित की है। वागड़ के साहित्यकार डॉ.कान्ति लाल यादव का कहना है कि रीना यादव का यह शोध कार्य वागड़ के लिए एवं आगे के शोधार्थियों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा और वागड़ की महिलाओ को कानून के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा।