श्री गोविंद गौशाला बरखेड़ा में शोभा यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत का आयोजन शुरू
अंता (शफीक मंसूरी ) श्री गोविंद गोशाला बरखेड़ा धुंधकारी प्रसंग सुनते हुए बताया (अंता) में आज से आयोजित होने कि जीवन मे अर्पण व तर्पण भाव जा रही श्रीमद्ध भागवत कथा की सदैव होना चाहिए। जीव मुक्ति के शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा गणेश लिए श्राद्ध अवश्य करना चाहिए, मंदिर से प्रारम्भ हुई। सर्वप्रथम श्राद्ध का विस्तार अधिक नही ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों से भगवान करना चाहिए, श्राद्ध को सदैव गणेश का पूजन किया, तत्पश्चात बैंड संक्षिप्त ही करना चाहिए। व्यास बाजा के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई तत्त्व पर प्रकाश डालते हुए जिसमें महिलाओं ने उत्साह से भाग पुराणाचार्य ने बताया कि जिनका लिया जो की नगर भ्रमण करते हुए दृष्टिकोण संकुचित होता है वह गौशाला पहुंची। समिति के सचिव कथा व्यास नही हो सकता, प्रत्येक चेतन मालव ने बताया कि कथा जीव मात्र के प्रति जिसकी दृष्टि व्यास ऋतुराज शर्मा ने भागवत तत्व समान है वही कथा व्यास का मूल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लक्षण है। ततपश्चात कथा की शुकदेव भगवान प्रत्येक जीव में आरती हुई जिसमें कथा के प्रधान ब्रह्म देखते जैसे विभिन्न प्रकार की यजमान गिरिराज मालव एवं सभी मिठाइयों के मूल में दूध ही विद्यमान भक्तजनो ने आरती की एवम प्रसाद होता है वेसे ही सभी जीवों में ईश्वर वितरण किया।