1 अप्रैल 2026 से राशन कार्ड व्यवस्था में बड़ा “क्लीनअप”
दिल्ली (कमलेश जैन) सत्ता के गलियारों में खाद्य सुरक्षा की सियासत ने नया मोड़ ले लिया है। 1 अप्रैल 2026 से राशन कार्ड व्यवस्था में बड़ा “क्लीनअप” अभियान लागू होने जा रहा है।अपात्र लोगों की छुट्टी और पात्र परिवारों को पारदर्शी हक़। मगर एहतियात ज़रूरी है; लापरवाही हुई तो लाभार्थी का नाम भी लिस्ट से बाहर हो सकता है।
सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए ई-KYC को आवश्यक कर दिया है। 28 फरवरी 2026 तक परिवार के हर सदस्य की केवाईसी पूरी होना अनिवार्य है। तय मियाद तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो 1 मार्च से राशन पर रोक लग सकती है। लाभार्थी पीडीएस दुकान पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट देकर या मेरा राशन ऐप के ज़रिए फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे काम निपटा सकते हैं।
नई नीति में आय सीमा का दायरा बढ़ाया गया है। अब 1.20 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवार भी पात्र माने जाएंगे। इसके साथ महिला सशक्तिकरण की सियासत को मध्य नजर रखते हुए 18 वर्ष से अधिक उम्र की सबसे बड़ी महिला को ही कार्ड की मुखिया बनाया जाएगा। बालिग महिला न होने की सूरत में ही पुरुष मुखिया होगा। यह कदम सामाजिक संतुलन और जवाबदेही का नया पैग़ाम माना जा रहा है।
लाइन और लफड़े से निजात के लिए अब लाभार्थियों को 3 महीने का कोटा एक साथ लेने का विकल्प मिलेगा। इससे समय की बचत होगी और बार-बार के चक्कर कम होंगे।
नया कार्ड केवल ऑनलाइन आवेदन से बनेगा। अप्लाई के बाद फूड सप्लाई ऑफिसर घर आकर दस्तावेज़ों की तस्दीक करेगा; सब सही हुआ तो ही मंज़ूरी मिलेगी।
सतर्क रहें: इन वजहों से कट सकता है नाम
- परिवार में कोई इनकम टैक्स देता है।
- ट्रैक्टर छोड़कर चार पहिया वाहन है।
- लगातार 3 महीने राशन नहीं लिया।
- सदस्य की मौत/शादी के बाद भी नाम अपडेट नहीं किया।
- राशन कार्ड महज़ काग़ज़ नहीं, करोड़ों घरों की खाद्य सुरक्षा का आधार है। वक़्त रहते ई-KYC पूरा करें और
- अपनी पात्रता की तस्दीक कर लें वरना नाम कट सकता है।