आकाशीय बिजली गिरने से 8 महिलाएं-बच्चियां झुलसी: दशहरे पर बारिश का अलर्ट
मध्यप्रदेश में मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। बैतूल में डेढ़ इंच पानी गिर गया। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच, दतिया में आधा इंच से ज्यादा और ग्वालियर में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, सागर, डिंडौरी, मुरैना में भी बूंदाबांदी हुई।
इधर, सतना जिले के लालपुर गांव में मंगलवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से देवी मंदिर में पूजा कर रही आठ महिलाएं और बच्चियां झुलस गईं। हादसे में एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
- 1 अक्टूबर ने नया सिस्टम एक्टिव होगा
मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। फिलहाल हल्की बारिश का अलर्ट है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले 4 दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति भी बनी रही। पांचवें दिन से तेज बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इससे पहले सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर से मानसून लौट गया है, लेकिन सोमवार को यहां 9 घंटे में सवा इंच पानी बरस गया। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला, सागर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।
बड़वानी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर तलवाड़ा बुजुर्ग गांव के खेतों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने कहा- तीन हेक्टेयर खेत में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई है। करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ।
वहीं, खरगोन में नमी की वजह से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है। किसान अपने घरों में तो जिनिंग संचालक फैक्ट्री परिसर में कपास सुखा रहे हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने कहा- जिनिंग फैक्ट्री में सूखने के लिए रखा 700 क्विंटल कपास गीला होकर बह गया। बारिश के कारण किसान खेतों से कपास की चुनाई नहीं करा पा रहे हैं। गीला कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है।
- एक सप्ताह बाद से विदाई शुरू होगी
नया सिस्टम बनने की वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। एक सप्ताह के बाद मानसून लौटने लगेगा। बता दें कि अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है।
बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।