महाराष्ट्र में नया इतिहास: अजीत पवार के निधन के 4 दिन बाद सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
मुंबई: (शशि जायसवाल) महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले चार दिनों से पसरा सन्नाटा आज एक बड़े उलटफेर और ऐतिहासिक क्षण में बदल गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता अजीत पवार के आकस्मिक निधन के ठीक चौथे दिन, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है।
12 मिनट में संपन्न हुआ 'शक्ति प्रदर्शन'
राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित यह समारोह बेहद संक्षिप्त लेकिन रणनीतिक रहा। कुल 12 मिनट चले इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कैबिनेट के कुछ चुनिंदा मंत्रियों और सत्तापक्ष के विधायकों की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को नई दिशा दे दी है।
शरद पवार की अनुपस्थिति ने खड़े किए सवाल
समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा शरद पवार की अनुपस्थिति की रही। परिवार के मुखिया और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार का इस महत्वपूर्ण अवसर पर न पहुँचना सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर गया है। माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर उत्तराधिकार और अजीत पवार की विरासत को लेकर अभी भी मतभेद बरकरार हैं।
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह को जल्दबाजी में आयोजित करने को लेकर उठे सवालों पर शिंदे ने कहा कि इसका जवाब उनके परिवार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को देना चाहिए। शिंदे ने कहा कि शरद पवार को उनके शपथ ग्रहण की पूर्व सूचना नहीं थी।
उन्होंने कहा, "अजीत पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। जब राज्य शोक में डूबा हुआ है, ऐसे समय में यह निर्णय क्यों लिया गया, यह हमें समझ नहीं आ रहा है। उन्हें इसका स्पष्टीकरण देना होगा।"
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
ऐतिहासिक उपलब्धि: सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के इतिहास में डिप्टी सीएम का पद संभालने वाली पहली महिला बनीं।
भावुक क्षण: पति के निधन के मात्र 96 घंटों के भीतर जिम्मेदारी संभालना उनके राजनीतिक संकल्प को दर्शाता है।
दूरी बरकरार: शरद पवार की गैर-मौजूदगी ने 'पवार परिवार' के बीच की खाई को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों की चर्चा: "सुनेत्रा पवार का इस मोड़ पर आगे आना केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि अजीत पवार के समर्थक आधार को एकजुट रखने की एक बड़ी कोशिश है।" सुनेत्रा पवार तीन विभागों - आबकारी, अल्पसंख्यक मामलों और खेल एवं युवा कल्याण - की देखरेख करेंगी; उनका कहना है कि वे पवार की विरासत और आदर्शों को आगे बढ़ाएंगी।
छगन भुजबल का यह हिंट बता रहा है कि सुनेत्रा पवार ही एनसीपी विधायक दल का नेता चुनी जाएगी. एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आने वाली सुनेत्रा पवार, पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी हैं. हालांकि वे लंबे समय तक सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर रहीं, लेकिन उन्होंने बारामती में सामाजिक कार्यों और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से अपनी एक मजबूत जमीन तैयार की