ग्रासरूट तो ग्रेटनेस' टैलेंट यूनिफिकेशन और एथलीट डेवलपमेंट का आयोजन; राजनीति- दल से ऊपर उठकर खेल - शिक्षा को देप्राथमिकता
नारायणपुर (भारत कुमार शर्मा) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत 2 इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस 'ग्रासरूट तो ग्रेटनेस' टैलेंट यूनिफिकेशन और एथलीट डेवलपमेंट का आयोजन नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ofsports पटियाला में 6 से 7 फरवरी 2026 को आयोजित की गई है जिसमें महावीर प्रसाद गुर्जर अधीरा, हमीरपुर एवं सुरेश चौधरी बासना निवासी ने कांफ्रेंस में भाग लिया और ग्रामीण क्षेत्र में छिपी प्रतिभा को ग्रास रूट के माध्यम से पहचान कर नेशनल इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार करना है! 2036 भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण इस समय सबसे चर्चा में यह बात है कि 2036 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक भारत में आयोजित होंगे ।आज से ठीक 10 वर्ष बाद।
खेल विज्ञान मानता है कि ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में 8 से 12 वर्ष का समय लगता है। इसलिए जिन घरों में आज 10–12 वर्ष के बच्चे हैं, वह 2036 में 20–22 वर्ष के होंगे और यही उम्र ओलंपिक के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
भारत को पहली बार यह अवसर मिला है, कि मेजबान होने के कारण वह सबसे बड़ा दल उतार सकता है और अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है वे खेल जिनमें भारत लगातार ओलंपिक कोटा लेता है और मजबूत है इन खेलों में 2036 के लिए सबसे अधिक अवसर हैं:
- ✔ बॉक्सिंग
- ✔ कुश्ती (फ्रीस्टाइल + महिलाओं की कुश्ती)
- ✔ शूटिंग (10m, 25m, Shotgun)
- ✔ एथलेटिक्स (स्प्रिंट, रेस वॉक, जैवलिन, 4×400, थ्रो)
- ✔ हॉकी
- ✔ तैराकी (Swimming)
- ✔ तीरंदाजी (Archery)
- ✔ बैडमिंटन
- ✔ टेबल टेनिस
- ✔ वेटलिफ्टिंग
- ✔ लान टेनिस
2036 की तैयारी का सार
2036 का ओलंपिक बच्चों के नाम होगा यदि अभिभावक आज यह निर्णय लें कि राजनीति, दल और नेताओं से ऊपर उठकर
खेल + शिक्षा को प्राथमिकता देंगे। उसी दिन से राष्ट्र-निर्माण शुरू हो जाता है। ओलंपिक एक दिन का आयोजन नहीं, एक दशक की तैयारी है। और यह तैयारी घर से शुरू होती है।