जिला कलक्टर ने दीपावली के मद्देनजर स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को बढावा देने के लिए पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाने की अपील की

Oct 17, 2025 - 13:41
 0
जिला कलक्टर ने दीपावली के मद्देनजर स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को बढावा देने के लिए पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाने की अपील की

कोटपूतली-बहरोड़ (भारत कुमार शर्मा) 17 अक्टूबर l जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी द्वारा दीपावली पर्व 2025 के अवसर पर माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जयपुर व राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जयपुर के आदेश अनुसार दिवाली के त्यौहार पर जिला कोटपूतली-बहरोड के उपखण्ड क्षेत्र बहरोड, नीमराना, बानसूर व नारायणपुर में पारपरिक पटाखों, प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्रियों और गैर-पुनर्चक्रणीय पैकेजिंग के व्यापक उपयोग व बढ़ते वायु प्रदूषण और अत्यधिक ठोस अपशिष्ट उत्पादन को कम करने और त्योहारों के मौसम में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देने के प्रयास में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

जिला कलेक्टर ने पुलिस व प्रशासन सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जागरूकता अभियान चलाकर यह बताया जाए कि केवल वे ही ग्रीन पटाखे (Green Crackers) जिनकी सूची राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) द्वारा वेबसाइट पर प्रदर्शित है तथा जिन्हें पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा अनुमोदित हरित पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति है। इन पटाखों की बिक्री केवल  18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2025 की अवधि में ही की जाएगी। ऑनलाईन अथवा ई-कॉमर्स माध्यम से पटाखों की बिक्री या क्रय पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा. साथ ही वैरियम आधारित पटाखे, श्रृंखला (Laris) पटाखे, तथा एनसीआर क्षेत्र के बाहर से आयातित पटाखों की बिक्री व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


उन्होंने निर्देश कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को दिए गए निर्णय के अनुसार दिवाली के अवसर पर हरित पटाखे फोडने की अनुमत समय-सीमा दिवाली से पहले और दिवाली के दिन, दोनों दिनों में सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से रात 10 बजे तक ही सीमित रहे। साथ ही दुकानदारों, उपहार विक्रेताओं और पैकेजिंग इकाइयों से कागज, कपडे, जूट या प्लास्टिक या धातु की पन्नी के बजाय जैव-निम्नीकरणीय सामग्री का उपयोग करने का आग्रह करते हुए संदेश प्रसारित करें। स्थानीय बाजारों और स्कूलों में पर्यावरण-अनुकूल उपहार अभियान को बढ़ावा दे।

उन्होंने कहा कि खाली और इस्तेमाल किए गए उपहार बॉक्स, सजावटी सामग्री और दिवाली के बाद के कचरे के संग्रहण के लिए बाजार क्षेत्रों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी अपशिष्ट संग्रहण केंद्र स्थापित करें। शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी), नगर निगमों और नगर परिषदों के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसे कचरे को शीघ्रता से उठाकर उचित निपटान करें ताकि पुनर्चक्रण के माध्यम से उससे धन अर्जित किया जा सके।

जिला कलेक्टर ने कहा कि हरित दिवाली, स्वच्छ दिवाली मनाएँ विषय पर जागरूकता गतिविधियों, मीडिया अभियान और सार्वजनिक घोषणाएँ आयोजित करें। पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने में गैर-सरकारी संगठनों, इको-क्लबों. आरडब्ल्यूए और युवा समूहों को शामिल करें।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................