मोदी सरकार मनरेगा को खत्म कर गरीबों से काम के अधिकार को छीनना चाहती है- राजीव चौधरी
जिला कांग्रेस कमेटी द्धारा डीग जिले की विभिन्न ग्रामों में पंचायत आयोजित कर ग्रामीणों को मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों की दी गई जानकारी
डीग (राजस्राथान/ नीरज जैन) राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में मनरेगा जन- आंदोलन संग्राम यात्रा के अंतर्गत जॉदेला, मेहरावर , भट्पूरा, तथा विरहरु में पंचायतें आयोजित की गई ,।
जिनमें जिला अध्यक्ष राजीव सिंह चौधरी द्वारा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की सरकार ने महात्मा गांधी गारंटी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को 2005 में लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकारों को साकार किया था। तब से अबतक मनरेगा के तहत 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवसों का सृजन हुआ है ।
जिसमें गावो में तालाबों और सड़कों जैसे लगभग 10 करोड़ परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है ।मनरेगा में ग्राम पंचायतो को ग्राम स्तर के परियोजना पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया है ।
यह कोविड महामारी जैसे संकटों के दौरान ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुआ है ।लेकिन मोदी6 सरकार मनरेगा की आत्मा को 4 खतरनाक तरीकों से नष्ट करने की योजना बना रही है। काम करने का अधिकार छीना जा रहा है, मोदी सरकार द्वारा किए गए इन बदलावों के बाद काम का अब यह उत्तराधिकार नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की मर्जी से बांटी जाने वाली रेवड़ी बन जाएगा ।
अब मोदी सरकार चुनेगी ,कौनसी ग्राम पंचायत को काम मिलेगा, किन्हें नहीं,मजदूरी पाने का अधिकार भी छीना जा रहा है।अब परियोजना का काम दिल्ली से रिमोट कंट्रोल द्वारा किया जावेगा , केंद्र सरकार का 90% हिस्सा 60% हो जाएगा ।इस अवसर पर प्रताप सिंह मेहरावर, श्वेता यादव , राजेश मीणा, प्रहलाद सिंह पूर्व प्रधान कुम्हेर ,अनुराग पला , प्रेम सिंह प्रजापत, गजराज सिंह पैंगोर,कमल सिंह गडासिया, नाहर सिंह पूर्व सरपंच ,नंदकिशोर सिनसिनवार बैलारा, अनिरुद्ध बासरोली, अजय भटावली , पिंटू सबौरा, भगवान सिंह विरहरु, लक्ष्मण सिंह विरहरु, निर्भय सिंह ,जगदीश सिंह गुनसारा, दुर्गेश थेरावर, सुभाष , आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।