अवैध खनन रोकथाम अभियान टांय टांय फिस, अवैध खनन से उजडती पहाडियां; ग्रामीण चिन्तित,प्रशासन बना मूक-बधिर
दिन में बन्द,रात्रि को होता खनन.... क्रेसर की उडती धूल बन रही जान लेवा..... पहाड की ब्लास्टिंग से घरो में दरार..... खनन माफियों के हौंसले बुलन्द
वैर (भरतपुर/कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) उजडती पहाडियां, गायब होती हरियाली एवं पहाड खुदाई को किए जा रहे विस्फोट से ग्रामीण परेशान है, जिनके घरों में दरारे पड गई और आए दिन हादसे हो रहे है। खनिज, वन के द्वारा उक्त बिन्दुओं पर ध्यान नही देना वन सम्प्रदा एवं मानव जीवन को घातक सावित हो रही है, जिससे खनन माफियों के हौंसले बुलन्द है, जो खुलेआम अरावली पर्वत माला की पहाडियां, वन विभाग अधीनस्थ एवं आबादी क्षेत्र निकट खनन कार्य करने में जुटे हुए है। प्रशासन, वन, पुलिस, खनिज विभाग के द्वारा अवैध खनन की रोकथाम का अभियान चला रखा है, अभियान के तहत वैर-भुसावर उपखण्ड में कई स्थान पर नाका बना रहे है, जहां वन विभाग ने बीट प्रभारी भी लगा रखे हैं। एवं समस्त विभाग के आलाधिकारी व कर्मचारी तैनात है, जो केवल अभियान की खानापूर्ति करने में जुटे हुए है, 1अक्टूबर से आज तक मात्र पत्थर से भरे तीन ट्रेक्टर-ट्राली ही पकडे, मूक-बधिर बने अभियान में जुटे आलाधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य को जयपुर नेशनल हाइवे-21 एवं धौलपुर मेगा हाइवे-45 सहित अन्य सडक मार्ग पर पत्थर-बंजरी एवं रेता से भरे डम्फर, ट्रक, ट्रेक्टर-ट्राली आदि वाहन दौडते नजर नही आते, जबकि ऐसे दृश्य को देख ग्रामीणों में अनेक प्रकार की चर्चाए व्याप्त है। अभियान की खानापूर्ति से खनन माफियों के हौंसले बुलन्द है, जिन्हे मुख से निकली सुविधाएं मिल रही है, जिसके कारण खनन, वन, पुलिस एवं प्रदूषण आदि विभाग चुप्पी लगाए हुए है।
- दिन में बन्द रात्रि को होता खनन
वैर-बल्लभगढ मार्ग व घाटरी में क्रेसर जॉन की पगड़ियों में अवैध खनन होता है, जो दिन में बन्द रहता है और रात्रि के समय चलता है, उक्त अवैध खनन कर्ता खुलेआम अवैध खनन करते है और रात्रि के समय पहाड की खुदाई को विस्फोट करता है, रात्रि में ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टरों को पत्थर से भर लेते है और सुबह अंधेरे में वन विभाग व प्रशासन की आंख में धुल झौंक रहे है। ये नजारा खुलेआम प्रशासन देख रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन अवैध खनन कर्ताओं से क्रेशर संचालक भी सस्ते दामों में पत्थर खरीदते है।कई बार अवैध खनन की रोकथाम की बोला गया और विस्फोट बन्द करने की मांग की, लेकिन उसने ग्रामीणों की बात पर ध्यान नही दिया। इसी प्रकार से गांव मायदपुर के पास भी कई पहाड़ियों में अवैध खनन कर रहे है, जहां भी प्रशासन के अभियान की पालना नही हो रही है।रात्रि को खुलेआम क्रेसर संचालकों के सहयोग से अवैध खनन चलता है।
- आए दिन होते हादसा
क्रेसर संचालकों को मानव जीवन के चिन्ता नही है, उन्हे केवल स्वयं के कारोबार की चिन्ता है, जो प्रशासन, वन एवं खनिज विभाग से मिली भगत खुलेआम विस्फोट कर पहाड की खुदाई करने लगे है। जिससे पत्थर उछल कर आबादी क्षेत्र में गिरते है और क्रेसर की धूल उड कर फसल पर गिरती है, जिससे घरो में दरारे आने लगी है और फसल की पैदावार पर बुरा असर पडता है। आसपास के गांव के चंदन, रोहित , फतेहसिंह, प्रदीप रमेश, ने बताया कि रात्रि के समय विस्फोट की आवाज से ग्रामीण भयभीत हो जाते है और नींद गायब हो जाती है। विस्फोट के समय पहाड के पत्थर उछल कर घरो पर गिरते है, जिससे घरो में दरारे पड गई।
- कहां-कहां हो रहा खनन
गांव , घाटरी, मंसापुरा, जसवर, सुआकी, कारवान, कोटकी, नयागांव खालसा, सुहारी, खोहरा, भौडागांव, हाथौडी, खातीपुरा, महाराजपुरा, सामन्तपुरा, पथैना, भुसावर, वैर, नीमली आदि स्थान पर अवैध खनन जारी है।
जब अवैध खनन के बारे में वन विभाग के नदबई रेंजर राजेश शर्मा से बात कि तो उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी है कार्यवाही की जा रही है।जल्द ही अवैध खनन कर्ताओं पर नकेल कसी जाएगी।और कार्यवाही में रुकावट डालने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।


