बिहार मुख्यमंत्री नितीश कुमार के खिलाफ अंता में जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने प्रदर्शन कर अंता उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा
अंता (शफीक मंसूरी ) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक आयोजन के दौरान महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के हिजाब खींचे जाने की कथित घटना के विरोध में सोमवार को बारां जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष अली हुसैन टीपू के नेतृत्व अंता में कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के ईदगाह सदर रसूल मोहम्मद तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को महिला सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात बताया।
प्रदर्शन मोमिनान चौक से प्रारंभ होकर सीएडी सर्किल तक निकाला गया, जहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान पूर्व ईदगाह सदर हाजी जमील, मोहम्मद हाजी अब्दुल अजीज, अब्दुल कलाम, ऐनल हक खान, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजेश वर्मा, फिरोज अंसारी, शरीफ भाई, शाहिद बाबा, मुख्तार भाई बालदड़ा, एकाब हुसैन, अनस खान, आरिफ मंत्री, कासिम अली, अलफेज, शकील मंसूरी, कलाम बाबा, सोहैल अंसारी, मांगरोल से शोएब मोईन, आज़ाद, शहादत हुसैन, समीर, जाहिदा, अलीमन, रानी यादव अध्यक्ष महिला कांग्रेस मांगरोल मेहमूद अली पाटुन्दा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, बारां के अध्यक्ष अली हुसैन टीपू ने की। वहीं किसान कांग्रेस नगर अध्यक्ष रामेश्वर कहार, पंकज मेरोठा, बंटी मेवाती, पुरुषोत्तम बेरवा, गायत्री व्यास (महासचिव), कवरी बाई, इंद्रा बाई, पाना बाई, छोटा बाई, नटी बाई, रुकमणी बाई, कमरुद्दीन खान भोजयाखेड़ी एवं एजाज पलायथा भी उपस्थित रहे।वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और धार्मिक पहचान का सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस तरह की घटनाएं देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं।क्या है पूरा मामला, जिसे लेकर हो रहा विवाद
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सचिवालय संवाद में आयोजित एक कार्यक्रम में एक हजार से अधिक आयुष डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र बांटा था. इस दौरान नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र दिया गया. इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि बाकी को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए.नियुक्ति पत्र लेने के लिए जब नुसरत परवीन नाम की डॉक्टर मंच पर पहुंची तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'यह क्या है?' इसके बाद उन्होंने उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया. घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया. इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए.


