युवाओं को जाल में फंसा रहा है निकोटीन उद्योग, 'STAR' तकनीक से जीतें लत की जंग: डॉ. विक्रम सिंह
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतगढ़ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, देश में तंबाकू से रोज हो रही हैं 3,500 मौतें
तखतगढ़, (बरकत खान) विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तखतगढ़ में तंबाकू और धूम्रपान के घातक दुष्प्रभावों के प्रति आमजन एवं युवाओं को सचेत करने के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम "आकर्षण का पर्दाफाश - निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला" पर केंद्रित इस कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों ने निकोटीन उद्योग द्वारा युवाओं को लक्षित करने वाली भ्रामक रणनीतियों का खुलासा किया और लत से मुक्ति की वैज्ञानिक राह दिखाई।
कार्यक्रम की शुरुआत में CHC प्रभारी डॉ. सुरेश कुमार ने अस्पताल में उपस्थित मरीजों, परिजनों और विशेषकर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू केवल एक बुरी आदत नहीं है, बल्कि यह एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है जो हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर देती है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि तखतगढ़ अस्पताल स्तर पर तंबाकू मुक्ति के लिए हर संभव चिकित्सकीय सहायता, दवाएं और परामर्श सेवाएं निरंतर प्रदान करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
समारोह के मुख्य वक्ता एवं दंत चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भ्रामक विपणन (मार्केटिंग) के चक्रव्यूह पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आजकल बाजार में पारंपरिक सिगरेट के अलावा हीटेड टोबैको प्रोडक्ट्स, ई-सिगरेट (वेपिंग), निकोटीन पाउच, गमीज, लोजेंजेस, टैबलेट्स और हुक्का जैसे आधुनिक उत्पाद युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने कंपनियों द्वारा युवाओं को फंसाने के लिए अपनाए जा रहे तीन बड़े हथियारों का पर्दाफाश किया:
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आकर्षक फ्लेवर और गैजेट डिजाइन: बच्चों को रिझाने के लिए निकोटीन उत्पादों को स्ट्रॉबेरी, मिंट जैसे कैंडी फ्लेवर और फैशनेबल इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स के रूप में परोसा जा रहा है।
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सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सेलिब्रिटीज के जरिए ऑनलाइन मार्केटिंग कर युवाओं के मन में इसके प्रति झूठा क्रेज पैदा किया जा रहा है।
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आसान सुलभता और बेहद कम कीमत: इन घातक उत्पादों को इतना सस्ता और सुलभ बना दिया गया है कि स्कूली छात्र भी इसकी चपेट में आसानी से आ रहे हैं।
तंबाकू सेवन के भयावह वैश्विक और राष्ट्रीय आंकड़े: कार्यक्रम में ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (GATS) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए गए। डॉ. सुरेश कुमार एवं डॉ. विक्रम सिंह ने संयुक्त चेतावनी देते हुए बताया कि:
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वैश्विक संकट: दुनिया भर में 13 से 15 वर्ष के लगभग 4 करोड़ बच्चे तंबाकू का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें से 1.5 करोड़ किशोर सीधे तौर पर ई-सिगरेट (Vaping) के आदी हो चुके हैं।
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भारत में स्थिति: देश में 15 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 26.7 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। भारत में मुंह के कैंसर के मामले विश्व में सबसे अधिक हैं, जिसका मुख्य कारण धुआं रहित तंबाकू (गुटखा, खैनी) है।
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दैनिक व वार्षिक मौतें: भारत में हर दिन करीब 3,500 लोग तंबाकू जनित बीमारियों से दम तोड़ देते हैं, जबकि देश में सालाना लगभग 13 लाख (1.3 मिलियन) मौतें तंबाकू के कारण हो रही हैं।
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NCD का खतरा: गैर संचारी रोगों (NCD) जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट अटैक से होने वाली हर 6 मौतों में से 1 मौत अकेले तंबाकू के कारण होती है। यह शरीर के हर हिस्से तथा गर्भावस्था में पल रहे शिशु को भी अपूरणीय क्षति पहुंचाता है।
तंबाकू मुक्ति के लिए प्रामाणिक 'STAR' विधि: दंत चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने इस जानलेवा लत से पूरी तरह आजादी पाने के लिए एक सरल, प्रामाणिक और वैज्ञानिक व्यवहारपरक 'STAR' (स्टार) योजना सुझाई:
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S - Set a Quit Date (छोड़ने की तिथि तय करें): अगले दो सप्ताह के भीतर कोई एक दिन निश्चित कर कैलेंडर में मार्क करें और इसे अपने नए स्वस्थ जीवन की शुरुआत मानें।
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T - Tell (करीबियों को सूचित करें): अपने परिवार, मित्रों और सहकर्मियों को अपने इस संकल्प के बारे में बताएं। उनका नैतिक सहयोग आपको मानसिक रूप से मजबूत रखेगा।
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A - Anticipate (चुनौतियों का अनुमान लगाएं): शुरुआती हफ्तों की तलब (Cravings) और तनाव को पहचानें। तलब उठने पर पर्याप्त पानी पिएं या चिकित्सक की सलाह से निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (गम, पैच) लें।
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R - Remove (तंबाकू उत्पादों को हटाएं): अपने घर, कार और कार्यस्थल से सभी तंबाकू उत्पाद, लाइटर व एशट्रे फेंक दें। खुद को सकारात्मक कार्यों और व्यायाम में व्यस्त रखें।
कार्यक्रम के समापन पर चिकित्सा अधिकारियों ने आमजन से पुरजोर अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति इस लत को छोड़ना चाहता है, तो वह अस्पताल के दंत विभाग में संचालित 'टोबैको कैसेशन सेंटर' पर आ सकता है अथवा सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर कॉल करके मुफ्त परामर्श एवं सहायता प्राप्त कर सकता है। "आज ही संकल्प लें, तंबाकू को ना कहें और जीवन को हां कहें!" के नारे के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


