फ्लाईओवरों के निरस्तिकरण से भरतपुरवासियों में आक्रोश; मुख्यमंत्री हस्तक्षेप कर लुधावई–ऊँचा नगला एलिवेटेड रोड को कराएँ स्वीकृत- गुप्ता

Jun 9, 2026 - 16:52
 0
फ्लाईओवरों के निरस्तिकरण से भरतपुरवासियों में आक्रोश;  मुख्यमंत्री हस्तक्षेप कर लुधावई–ऊँचा नगला एलिवेटेड रोड को कराएँ स्वीकृत- गुप्ता

भरतपुर (विष्णु मित्तल) आगरा–भरतपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित सेवर तिराहा, सारस चौराहा एवं शीशम तिराहा फ्लाईओवर परियोजना को निरस्त किए जाने के बाद भरतपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है। लंबे समय से इन व्यस्त एवं दुर्घटना संभावित चौराहों पर यातायात समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को इस निर्णय से बड़ा झटका लगा है।

इस सम्बन्ध में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। कि वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष भरतपुर की जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से रखा जाए तथा निरस्त हुई फ्लाईओवर परियोजनाओं के स्थान पर लुधावई से ऊँचा नगला तक एक समग्र एलिवेटेड रोड परियोजना को स्वीकृति दिलाने के प्रयास करें।

पत्र में कहा गया है कि आगरा–भरतपुर राष्ट्रीय राजमार्ग वर्तमान समय में राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन, मालवाहक ट्रक, बसें एवं निजी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिसके कारण सेवर तिराहा, सागर चौराहा एवं शीशम तिराहा जैसे प्रमुख जंक्शनों पर लगातार यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है।

गुप्ता ने पत्र में उल्लेख किया है कि इन चौराहों पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों तथा यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से सेवर तिराहा और शीशम तिराहा दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं, जहाँ आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। वहीं सारस चौराहा शहर का प्रमुख प्रवेश एवं आवागमन केंद्र होने के कारण अत्यधिक व्यस्त रहता है और यहाँ वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना की निविदा प्रक्रिया तक पूरी हो चुकी थी और स्थानीय जनता को उम्मीद थी कि शीघ्र ही इन समस्याओं से राहत मिलेगी। किंतु परियोजना निरस्त होने से नागरिकों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुँचा है। लोगों का मानना है कि यदि वर्तमान स्थिति में कोई ठोस एवं दीर्घकालिक समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था और अधिक जटिल हो जाएगी।

पत्र में सुझाव दिया गया है कि अलग-अलग फ्लाईओवरों के बजाय लुधावई से ऊँचा नगला तक एलिवेटेड रोड का निर्माण अधिक प्रभावी और दूरदर्शी समाधान साबित हो सकता है। इस परियोजना के माध्यम से पूरे शहर के यातायात को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। साथ ही शहर के भीतर होने वाले ट्रैफिक दबाव में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

गुप्ता ने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने से न केवल वर्तमान जाम और दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान होगा, बल्कि आगामी 20 से 25 वर्षों की बढते यातायात दबाब के कारण होने वाली समस्याओं से भी मुक्ति मिल जायेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भरतपुर के तीव्र शहरी विस्तार, बढ़ते यातायात भार तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार एवं सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र स्वीकृति एवं वित्तीय प्रबंध सुनिश्चित किए जाएँ।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क ll बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................ मौजूदा समय में डिजिटल मीडिया की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह है कि हर कोई डिजिटल मीडिया से जुड़ा रहना चाहता है। लोग देश में हो या फिर विदेश में डिजिटल मीडिया के सहारे लोगों को बेहद कम वक्त में ताजा सूचनायें भी प्राप्त हो जाती है ★ G Express News के लिखने का जज्बा कोई तोड़ नहीं सकता ★ क्योंकि यहां ना जेक चलता ना ही चेक और खबर रुकवाने के लिए ना रिश्तेदार फोन कर सकते औऱ ना ही ओर.... ईमानदार ना रुका ना झुका..... क्योंकि सच आज भी जिंदा है और ईमानदार अधिकारी आज भी हमारे भारत देश में कार्य कर रहे हैं जिनकी वजह से हमारे भारतीय नागरिक सुरक्षित है