गैस एजेंसी पर लगे ओवररेटिंग, होम डिलीवरी न करने के गंभीर आरोप, पंचायत समिति सदस्य ने जिला रसद अधिकारी को सौंपा ज्ञापन; लाइसेंस निरस्त करने की मांग
सरमथुरा (धौलपुर/ नाहरसिंह मीणा) धौलपुर जिले की ग्राम पंचायत पिलावंद क्षेत्र में संचालित एक गैस एजेंसी के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं और उपभोक्ताओं के शोषण के आरोप सामने आए हैं। वार्ड संख्या-03 की पंचायत समिति सदस्य भगवान देवी ने इस संबंध में जिला रसद अधिकारी (DS0) को एक ज्ञापन सौंपकर संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस तुरंत निरस्त करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
समय पर नहीं मिल रहे सिलेंडर, ओवररेटिंग का आरोप: सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उक्त गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। डीबीटी (DBT) नंबर जारी होने और बुकिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद उपभोक्ताओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी परेशानी खड़ी हो गई है। इसके साथ ही एजेंसी द्वारा निर्धारित दर से अधिक राशि (ओवररेटिंग) वसूलने के भी गंभीर आरोप हैं।
होम डिलीवरी बंद, शिकायत करने पर धमकी देने का दावा: पंचायत समिति सदस्य भगवान देवी ने बताया कि पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र में नियम के विरुद्ध घर-घर गैस सिलेंडर की डिलीवरी (होम डिलीवरी) व्यवस्था ठप पड़ी है। इसके कारण उपभोक्ताओं को स्वयं अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाकर एजेंसी तक पहुंचना पड़ता है।
यही नहीं, ज्ञापन में एजेंसी संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा हक की आवाज उठाने व शिकायत करने वालों को कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके पास इन अवांछित गतिविधियों से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।
सिलेंडर ब्लॉक करने से बढ़ी नाराजगी: शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि एजेंसी द्वारा जानबूझकर कुछ उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर ब्लॉक किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें समय पर रसोई गैस की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
लाइसेंस निरस्त करने की उठी मांग: पंचायत समिति सदस्य ने जिला प्रशासन और रसद विभाग से पुरजोर मांग की है कि इस गैस एजेंसी के पूरे कामकाज की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए तुरंत लाइसेंस निरस्त किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। फिलहाल इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी रोष है और अब सभी की निगाहें रसद विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


