रेलवे जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी की बैठक संपन्न: भीलवाड़ा सांसद अग्रवाल ने ‘योगनगरी-उदयपुर एक्सप्रेस’ को प्रतिदिन चलाने की उठाई मांग
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी ऑन रेलवे (रेलवे स्टैंडिंग कमेटी) की एक विशेष और उच्च स्तरीय बैठक उत्तराखंड के ऋषिकेश-सिंगथली में संपन्न हुई। इस बैठक में भीलवाड़ा सांसद अग्रवाल सहित संसदीय दल के सदस्यों और रेलवे के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने बताया कि कमेटी का 9 दिवसीय देशव्यापी 'रेल स्टडी टूर' सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस टूर के दौरान आयोजित मुख्य बैठक में सांसद अग्रवाल ने भीलवाड़ा और मेवाड़ क्षेत्र के रेल विकास को लेकर पुरजोर पैरवी की।
भीलवाड़ा के लिए महत्वपूर्ण मांगें और प्रस्ताव:
- योगनगरी-उदयपुर एक्सप्रेस हो प्रतिदिन: सांसद अग्रवाल ने भीलवाड़ा होकर चलने वाली "योगनगरी-उदयपुर एक्सप्रेस" को वर्तमान में सप्ताह में 3 दिन के स्थान पर प्रतिदिन (रोजाना) संचालित करने की मजबूत मांग उत्तर रेलवे के अधिकारियों के समक्ष रखी।
- मेवाड़ गौरव दर्शन टूरिस्ट सर्किट: सांसद ने IRCTC के अधिकारियों के सामने एक विशेष टूरिस्ट ट्रेन सर्किट शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य देश-दुनिया के पर्यटकों को महाराणा प्रताप, पन्ना धाय, महाराणा कुम्भा, पूंजा भील, मीरा बाई और रानी पद्मिनी सहित मेवाड़ के शौर्य व गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना है।
₹37,000 करोड़ के 'ऋषिकेश-कर्णप्रयाग' प्रोजेक्ट का अवलोकन: टूर के दौरान संसदीय दल को उत्तराखंड के चार धाम को रेलवे से जोड़ने की प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण का निरीक्षण करने का अवसर मिला।
- परियोजना की लागत: ₹37,000 करोड़ की लागत से 125 किलोमीटर लंबा नया रेलवे ट्रैक तैयार किया जा रहा है।
- टनल-8 का रोमांच: रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा बनाई जा रही इस लाइन का अधिकांश हिस्सा सुरंगों (टनल्स) से होकर गुजरता है। सांसद अग्रवाल ने इस मार्ग पर बन रही भारत की सबसे लंबी टनल (टनल-8, लंबाई 14.58 किमी) के भीतर जाकर इसके तकनीकी पहलुओं को समझा और इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2029 तक पूरा होकर यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगा।
सामरिक महत्व के 'शिवोक-रांगपो' (सिक्किम) प्रोजेक्ट की सराहना: इससे पूर्व स्टडी टूर के दौरान कमेटी ने पूर्वोत्तर भारत के सिक्किम और मणिपुर का भी दौरा किया। यहाँ इरकॉन (IRCON) द्वारा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बनाए जा रहे ₹15,000 करोड़ के सामरिक महत्व के 'शिवोक-रांगपो' नए रेलवे लाइन प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया।
- अद्भुत इंजीनियरिंग: सिक्किम को रेल कनेक्टिविटी देने वाले इस 45 किमी लंबे ट्रैक की विशेषता यह है कि इसमें से 39 किमी का हिस्सा 14 सुरंगों (टनल) और 13 पुलों से होकर गुजरता है।
- सुरंग के अंदर रेलवे स्टेशन: इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ एक पूरा रेलवे स्टेशन ही टनल (सुरंग) के अंदर स्थापित किया जा रहा है।
सांसद अग्रवाल ने भारतीय इंजीनियर्स की कुशलता की सराहना करते हुए कहा कि आज देश बेहद तेज गति से तकनीकी रूप से विकसित हो रहा है। इतने जटिल और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में ऐसा ढांचागत विकास देखना वाकई अद्भुत और गौरवपूर्ण है।


