प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) प्रदेश में समान नागरिक संहिता 2026 को लेकर शुक्रवार को संभागीय आयुक्त सभागार में संभाग स्तरीय विचार विमर्श एवं जनसुनवाई का आयोजन समिति के सदस्य रामस्वरूप अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया। यूसीसी के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक, नागरिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए।
जनसुनवाई में संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, जिला कलक्टर कमर चौधरी, गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव सुखबीर सैनी सभागार में तथा भरतपुर संभाग के सभी जिला कलक्टर एवं संबंधित अधिकारी, संगठनों के प्रतिनिधिगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
समिति के सदस्य रामस्वरूप अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद-44 में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि राज्य अपने समस्त नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार द्वारा छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो प्रदेश के विभिन्न संभागों में जनसुनवाई आयोजित कर आमजन, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों से सुझाव प्राप्त कर रही है।
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। सरकार चाहती है कि इस विषय पर व्यापक जनमत प्राप्त हो, ताकि सभी पक्षों के सुझावों एवं विचारों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं तथा आम नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में अपने सुझाव देने का आव्हान किया।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में समाज के प्रत्येक वर्ग की राय जानना चाहती है। इसी उद्देश्य से संभागवार जनसुनवाई आयोजित कर सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण तैयार किया जा सके। उन्होंने बताया कि मौखिक एवं लिखित सुझावों को एकत्रित कर राज्य सरकार को भिजवाया जायेगा। उन्होंने सभी जिला कलक्टरों को जिलों से भी प्राप्त सुझावों को शीघ्र संभागीय कार्यालय में भिजवाने के निर्देश दिए। संयुक्त सचिव ने नागरिकों से मेल के माध्यम से तथा क्यू आर कोड स्कैन कर भी अपने सुझाव भिजवाने की जानकारी दी।
जनसुनवाई के दौरान प्रतिभागियों ने विवाह, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, पारिवारिक कानूनों सहित विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। समिति द्वारा प्राप्त सुझावों का संकलन कर उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों की भावनाओं एवं अपेक्षाओं को समझना है, ताकि प्रदेश में समान नागरिक संहिता के संबंध में एक व्यापक, संतुलित एवं जनभावनाओं के अनुरूप दृष्टिकोण विकसित किया जा सके।
इस अवसर पर पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजीव शर्मा, शहर राहुल सैनी, आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं सामाजिक, नागरिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


