लक्ष्मणगढ़ सीएचसी में छत का प्लास्टर गिरने पर सियासत गरमाई, एनएसयूआई ने सरकार को घेरा; विधायक मांगेलाल मीणा ने स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर को लिखा पत्र
लक्ष्मणगढ़ (अलवर ) लक्ष्मणगढ़ मालाखेड़ा रोड स्थित सीएचसी की मलवा (प्लास्टर) गिरने की भयावह तस्वीरो ने पूरे जिले के स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है।
लक्ष्मणगढ़ निवासी एन एस यू आई प्रदेश महासचिव कांग्रेस पार्टी विनोद जाटव ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया है कि जिस अस्पताल में लोग अपनी जान बचाने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, आज उसी अस्पताल की छत मरीजों की जान लेने पर उतारू है। एक्स-रे रूम और लेबर रूम की छत से मलबा गिरना कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि यह सरकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और विफल प्रशासन का जीता-जागता प्रमाण है।अगर यह मलबा किसी मरीज, गर्भवती महिला, नवजात शिशु, डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के ऊपर गिर जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? क्या भाजपा सरकार केवल हादसे का इंतजार कर रही है?
लाखों-करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि मरीज इलाज कराने से पहले अपनी जान की चिंता करने को मजबूर हैं। जनता टैक्स देती है ताकि उसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें, लेकिन बदले में उसे जर्जर भवन, टपकती छतें और गिरता हुआ मलबा चिकित्सा असुविधा मिल रही है।
भाजपा सरकार के नेता बड़ी-बड़ी रैलियों और भाषणों में विकास के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पतालों की दीवारें टूट रही हैं, स्कूलों की हालत खराब है, बेरोजगारी चरम पर है और आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
लक्ष्मणगढ़ सीएचसी की यह घटना केवल एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता की कहानी है।
राजगढ़ -लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को अस्पताल की जर्जर हालत के बारे में पत्र क्रमांक - 532/28 मई को लिखित में अवगत कराने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ।
अगर भवन पहले से जर्जर था तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? आखिर जनता की जान की कीमत इतनी कम क्यों समझी जा रही है?
क्या यही है भाजपा सरकार का "विकसित राजस्थान"?
विनोद जाटव ने भाजपा सरकार से मांग की हैं—
- लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के लिए तत्काल नए भवन या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- प्रदेश के सभी जर्जर सरकारी अस्पतालों का सर्वे कर तत्काल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया जाए।
- मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सरकार का पहला दायित्व जनता के जीवन की रक्षा करना है, न कि केवल विज्ञापनों और झूठे दावों से अपनी छवि चमकाना।
लक्ष्मणगढ़ की जनता जवाब मांग रही है। जनता की जान से खिलवाड़ बंद करो। स्वास्थ्य व्यवस्था को राजनीतिक नहीं, जिम्मेदारी का विषय बनाओ।
इधर क्षेत्रीय विधायक मांगेलाल मीणा ने मरम्मत एवं नवीनीकरण नहीं होने तक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आज स्वास्थ्य मंत्री, जिलाधीश, एवं सीएमएचओ अलवर को पत्र लिखकर वैकल्पिक व्यवस्था ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में चिकित्सा सेवाएं संचालन करने का आग्रह किया है।


