60 करोड़ के ओवरब्रिज पर 21 अतिक्रमणकारियों का कब्जा, बेदखली आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
गोरखपुर/चौरीचौरा (शशि जायसवाल) चौरीचौरा तहसील क्षेत्र में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे वाई-मॉडल ओवरब्रिज परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी जमीन पर 21 लोगों का कथित अतिक्रमण अब भी बरकरार है। तहसीलदार न्यायालय से बेदखली का आदेश जारी होने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से परियोजना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत चौरीचौरा के भोपा बाजार से मुंडेरा बाजार जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे समपार फाटक संख्या 147-बी पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के लिए सड़क किनारे स्थित सरकारी (खन्ता) भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है। राजस्व विभाग ने 21 लोगों के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया, लेकिन मौके पर अब तक कब्जे नहीं हटाए जा सके हैं।
इस मामले को लेकर मुंडेरा बाजार निवासी सुजीत कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) और जिलाधिकारी से शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान हल्का लेखपाल की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में यह उल्लेख नहीं किया गया कि तहसीलदार न्यायालय पहले ही बेदखली का अंतिम आदेश पारित कर चुका है। आरोप है कि रिपोर्ट में केवल यह लिखा गया कि "कार्रवाई रिपोर्ट पूर्व में प्रेषित की जा चुकी है", जिससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
- तहसीलदार बोले- जल्द होगी बेदखली की कार्रवाई
चौरीचौरा के तहसीलदार सत्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित हो चुका है और उसका अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही राजस्व विभाग की टीम गठित कर मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सरकारी भूमि को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराया जाना जरूरी है। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि बेदखली आदेश का अनुपालन कब तक सुनिश्चित किया जाता है।


