गोरखपुर से खरीदे 66 सिम से 1.70 करोड़ की साइबर ठगी, ई-सिम बनाकर सऊदी, कतर और इजिप्ट में किया इस्तेमाल
गोरखपुर (शशि जायसवाल) गोरखपुर से खरीदे गए 66 मोबाइल सिम कार्ड को जालसाजों ने ई-सिम में बदलकर सऊदी अरब, कतर (दोहा) और इजिप्ट में सक्रिय कर इंटरनेशनल कॉलिंग के जरिए 1.70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अकेले गोरखपुर से जारी सिम कार्डों के माध्यम से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
पुलिस के अनुसार, ये 66 सिम गोरखपुर, बस्ती और आसपास के जिलों के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे। उपभोक्ताओं ने पहचान पत्र देकर सामान्य फिजिकल सिम खरीदी थी, लेकिन सिम एक्टिवेशन के बाद एजेंटों की मिलीभगत से उन्हें ई-सिम में बदल दिया गया और विदेश में एक्टिव कर दिया गया।
जांच में पता चला कि नोएडा के एक युवक ने इन सिम कार्डों को ई-सिम में कन्वर्ट कराया था। पुलिस उसके नाम-पते का सत्यापन कर गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। वहीं पूछताछ के लिए दो एजेंटों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर छोड़ दिया गया।
विदेशों में ऐसे हुआ इस्तेमाल
- कुल सिम कार्ड : 66
- सऊदी अरब में इस्तेमाल : 55
- कतर (दोहा) में इस्तेमाल : 8
- इजिप्ट में इस्तेमाल : 3
- कुल आर्थिक नुकसान : 1.70 करोड़ रुपये
- गोरखपुर से जुड़े सिमों से नुकसान : करीब 50 लाख रुपये
'गोल्डन विंडो' का उठाया फायदा
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, जब भारतीय सिम पहली बार विदेशी नेटवर्क से जुड़ती है तो कॉल डिटेल और उपयोग का डेटा टेलीकॉम कंपनी तक पहुंचने में लगभग 4 से 5 घंटे का समय लग जाता है। इसी तकनीकी देरी, जिसे 'गोल्डन विंडो' कहा जाता है, का फायदा उठाकर जालसाज हजारों इंटरनेशनल कॉल कर देते हैं, जिससे समय रहते निगरानी संभव नहीं हो पाती।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य नंबरों के बजाय महंगे इंटरनेशनल प्रीमियम नंबरों, जैसे सेक्स लाइन और फर्जी इनाम योजनाओं से जुड़े नंबरों पर कॉल करते थे, जिन पर प्रति मिनट का शुल्क काफी अधिक होता है।
एसपी सिटी बोले- जल्द होगा पूरे नेटवर्क का खुलासा
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि जालसाजों ने सिम एक्टिवेशन के बाद मिलने वाले 'गोल्डन विंडो' का फायदा उठाकर ई-सिम को विदेश में सक्रिय किया और इंटरनेशनल कॉलिंग कराई। मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, एयरटेल की शिकायत में बताया गया है कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच इसी तरीके से फिजिकल सिम को ई-सिम में बदलकर विदेशों में इंटरनेशनल कॉलिंग कर करोड़ों रुपये की ठगी की गई।


