25 वर्ष पहले बनी धनारीकला–कुड़छी डामर सड़क बदहाल, विकास के दावे खोखले
सीमा बदलते ही बदल जाती है तस्वीर; नागौर बॉर्डर पर 24 फीट चौड़ी डामर सड़क, जोधपुर सीमा में कदम रखते ही हिचकोले खाने को मजबूर ग्रामीण
बावड़ी/जोधपुर। (मिश्रीलाल लखारा) जोधपुर जिले के अंतिम छोर पर बसे ओसियां विधानसभा क्षेत्र का धनारीकला गांव इन दिनों विकास के दावों की पोल खोल रहा है। यहाँ करीब 25 वर्ष पूर्व बनी धनारी–कुड़छी डामर सड़क आज पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। नागौर और जोधपुर जिला सीमा के आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसके चलते वाहन चालकों, राहगीरों तथा स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के लिए इस मार्ग से आवागमन करना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क के दोनों ओर का हिस्सा (पटरियां) टूट जाने से सड़क की चौड़ाई भी करीब दो फीट कम हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण लोगों को हिचकोले खाते हुए सफर करना पड़ रहा है, जिससे रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों और वाहनों के खराब होने का ग्राफ बढ़ गया है।
उड़ रही धूल, आए दिन फिसल रहे बाइक सवार सड़क की पटरियों से मिट्टी पूरी तरह उड़ जाने के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। बढ़ते ट्रैफिक तथा रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (रोशनी) के अभाव में सड़क के टूटे किनारे स्पष्ट दिखाई नहीं देते हैं। इसके कारण रात्रि में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस बदहाल मार्ग से गुजरने में वाहन चालकों को सामान्य समय की तुलना में कई गुना अधिक समय लग रहा है।
विधायक से लेकर विभाग तक गुहार, पर ढाक के तीन पात धनारी ग्राम पंचायत के प्रशासक प्रतिनिधि बजरंग भारी सहित कई वाहन चालकों एवं ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण को लेकर कई बार स्थानीय विधायक व संबंधित विभाग (पीडब्ल्यूडी) के समक्ष लिखित व मौखिक मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरकार के विकास के दावे धरातल पर खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी ग्रामीण लालाराम बेनीवाल सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत अथवा नए सिरे से पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।


