तिगरिया के ग्रामीण सेवा शिविर में मौके पर हुआ समाधान, राजस्व अभिलेखों में नाम शुद्ध होने से महिला को मिली बड़ी राहत
कठूमर (दिनेश लेखी) राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत तिगरिया स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित शिविर में वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरण का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शिविर में अधिकारियों की तत्परता से राजस्व अभिलेखों में दर्ज त्रुटि का सुधार होने पर लाभार्थी महिला ने राहत की सांस ली और राज्य सरकार व राजस्व विभाग का आभार व्यक्त किया।
ग्राम बमनपुरा निवासी सुमन के राजस्व अभिलेखों में नाम संबंधी त्रुटि लंबे समय से दर्ज थी। इस गलती के कारण उन्हें भूमि संबंधी राजस्व कार्यों, दस्तावेजों के सत्यापन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई वर्षों से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण महिला परेशान थी।
ग्रामीण सेवा शिविर में सुमन ने अपनी समस्या शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी श्यामसुंदर चेतीवाल के समक्ष रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संबंधित राजस्व अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद नायब तहसीलदार नीतू चौधरी, कानूनगो एच. पी. मंगलेव तथा पटवारी अंशु चौधरी ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों एवं राजस्व रिकॉर्ड की गहन जांच की।
जांच के दौरान अभिलेखों में दर्ज त्रुटि की पुष्टि होने पर नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर महिला का नाम राजस्व रिकॉर्ड में शुद्ध कर दिया गया। इससे वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो गया और भविष्य में भूमि से जुड़े किसी भी सरकारी कार्य में आने वाली बाधा दूर हो गई।
इस अवसर पर लाभार्थी सुमन ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि के कारण उन्हें वर्षों तक अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण सेवा शिविर में अधिकारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान किया। अब अभिलेख सही होने से भविष्य में किसी भी राजस्व अथवा शासकीय कार्य में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने राजस्थान सरकार एवं राजस्व विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर आमजन के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं।
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनकल्याणकारी प्रशासन की भावना को मजबूत कर रहा है। ऐसे शिविरों से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल रही है तथा वर्षों से लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।


