महासभा के प्रदेश महामंत्री व वरिष्ठ पत्रकार गोपाल लाल माली पर जानलेवा हमले के मामले में माली समाज की मांग पर एएसपी का तबादला, निष्पक्ष जांच की बढ़ी उम्मीद
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) शहर का बहुचर्चित हाई प्रोफाइल मामला गोपाल लाल माली पर जानलेवा प्रकरण में जांच की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों के बीच भीलवाड़ा जिला पुलिस उपाधीक्षक पारसमल जैन का स्थानांतरण को माली समाज ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि मामले में विपक्षी पक्ष जैन समाज से होने तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से संबंधित होने के कारण जांच प्रभावित हो सकती है और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे थे।
इसी मुद्दे को लेकर माली समाज ने 29 जून को भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट पर हजारों की संख्या में लोगों ने जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया था, अजमेर आईजी को भी समाज के लोगों ने ज्ञापन दिया था। महासभा के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक (अज़मेर) के समक्ष उपस्थित होकर एएसपी को भीलवाड़ा से हटाने की मांग रखी थी। साथ ही उन्हें मामले से अवगत कराते हुए कहा कि नामजद रिपोर्ट व सीसीटीवी फूटेज होने के बावजूद भी ठोस कार्रवाही नहीं की गई। महासभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी मांग को स्वीकार करते हुए संबंधित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण जयपुर कर दिया गया है।
राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के जिला अध्यक्ष भैरूलाल माली व जिला महामंत्री सत्यनारायण माली सहित महासभा के पदाधिकारी ने कहा कि इस निर्णय से समाज को अब मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है। समाज का यह भी कहना है कि यदि किसी अन्य स्तर पर भी जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली ने इस स्थानांतरण को अपनी एकजुटता और संघर्ष की सफलता बताते हुए राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि अब मामले की जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ेगी और सच्चाई सामने आएगी।


