ग्राम पिसई में श्मशान घाट तक नहीं रास्ता, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाई अनदेखी का आरोप
ग्रामीण सेवा शिविर में ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुआ मौका मुआयना, रास्ता, टीनशेड व पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की उठाई मांग
कठूमर (दिनेश लेखी) उपखंड क्षेत्र के ग्राम पिसई के ग्रामीणों ने गांव के श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने तथा वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण सेवा शिविर में ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि 6 जुलाई को ग्राम पंचायत मैंथना मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में तहसीलदार कठूमर को ज्ञापन सौंपकर श्मशान घाट की समस्याओं से अवगत कराया गया था। ज्ञापन में श्मशान घाट तक पक्का रास्ता, अंतिम संस्कार के दौरान लोगों के बैठने के लिए टीनशेड तथा पेयजल की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण सीताराम गुर्जर ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय सरपंच, तहसीलदार एवं उपखंड प्रशासन को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट तक रास्ता नहीं होने के कारण अंतिम यात्रा ले जाने में भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जबकि गर्मी के मौसम में अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को धूप में खड़ा रहना पड़ता है, क्योंकि वहां टीनशेड की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं पेयजल सुविधा के अभाव में लोगों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर आज तक बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि श्मशान घाट तक तत्काल पक्का रास्ता बनाया जाए, टीनशेड का निर्माण कराया जाए तथा स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान संजय योगी, सीताराम सफाईकर्मी, ईश्वर रामहरी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।


