सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में 13 जुलाई से पूरे राजस्थान में चक्का जाम, भीलवाड़ा देगा तन-मन-धन से पूर्ण समर्थन: BGTA
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) सरकार की ट्रांसपोर्ट विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ राजस्थान भर में चल रहे आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने के उद्देश्य से आज भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (BGTA) की एक महत्वपूर्ण बैठक ट्रांसपोर्ट नगर स्थित यूनियन हॉल में आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता BGTA अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने की तथा संचालन BGTA सचिव अरिहंत जैन ने किया। बैठक में संरक्षक जय कुमार पाटनी, ज्ञानचंद जैन, प्रवीण चौधरी, सुनील सोडाणी, महेंद्र सोगानी, गोपाल बंसल, योगेश अग्रवाल, मुकेश शर्मा, दीपक सोगानी, राहुल कटारिया, रतन मीणा, चिंतन जैन, सुनील प्रजापति, मुकेश प्रजापत, दिलबाग सिंह एवं रणवीर सिंह सहित सैकड़ों ट्रांसपोर्टर, ट्रक मालिक, ट्रेलर मालिक एवं मोटर मालिक उपस्थित रहे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 4 जुलाई को भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में ऐतिहासिक भीलवाड़ा बंद आयोजित कर विशाल वाहन रैली के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। इस आंदोलन ने पूरे राजस्थान के ट्रांसपोर्ट समाज में नई ऊर्जा एवं संघर्ष का संचार किया। इसके बाद 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित विशाल धरना एवं शक्ति प्रदर्शन में भीलवाड़ा से लगभग 50 प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की। वहां प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी वर्षों पुरानी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो 13 जुलाई से पूरे राजस्थान में चक्का जाम एवं चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इसी क्रम में आज हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन 13 जुलाई से पूरे राजस्थान में होने वाले चक्का जाम एवं आंदोलन को तन, मन और धन से पूर्ण समर्थन देगा। भीलवाड़ा ट्रांसपोर्ट नगर पूर्णतः बंद रहेगा तथा किसी भी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाएगा। बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों की अनलोडिंग केवल एसोसिएशन के यूनियन हॉल में उपस्थित पदाधिकारियों की अनुमति से ही की जाएगी।
अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि "ट्रांसपोर्ट व्यवसाय वर्षों से सरकार की उपेक्षा का शिकार है। उद्योग का दर्जा देने सहित हमारी अनेक न्यायोचित मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार नई-नई नीतियों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जिससे लाखों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। यदि सरकार ने अब भी हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो 13 जुलाई से शुरू होने वाला यह आंदोलन पूरे राजस्थान में व्यापक स्वरूप धारण करेगा और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।" सचिव अरिहंत जैन ने कहा कि "यह केवल ट्रांसपोर्टरों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे व्यापार, उद्योग और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा जनहित का आंदोलन है।
संरक्षक जयकुमार पाटनी ने सभी व्यापारिक संगठनों, उद्योगपतियों, व्यापारियों एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि 13 जुलाई से शुरू होने वाले राजस्थानव्यापी चक्का जाम को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें। यह समय अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का है।" बैठक के अंत में उपस्थित सभी ट्रांसपोर्टरों एवं मोटर मालिकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की जायज़ मांगों का समाधान होने तक संघर्ष पूरी एकजुटता और अनुशासन के साथ जारी रहेगा।


