हरियाली बाबा पर्यावरणविद रामभरोस मीणा कम्मू राष्ट्र गौरव सम्मान से सम्मानित होंगे
विगत डेढ़ दशक से पर्यावरण संरक्षण में अनुकरणीय योगदान के लिए सीकर में 15 अगस्त को होंगे सम्मानित
थानागाजी (अलवर/आरबी मीना) थानागाजी उपखंड के भोपाला निवासी और क्षेत्र में 'हरियाली बाबा' के नाम से विख्यात एल.पी.एस. विकास संस्थान के सचिव व प्रख्यात पर्यावरणविद रामभरोस मीणा को राष्ट्रीय स्तर पर "कम्मू राष्ट्र गौरव सम्मान" से नवाजा जाएगा। आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर सीकर में आयोजित एक गरिमामय राष्ट्रीय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी कमला देवी जनसेवा संस्थान, सीकर द्वारा साझा की गई है।
- डेढ़ दशक की पर्यावरण साधना का सम्मान
रामभरोस मीणा को यह प्रतिष्ठित सम्मान विगत डेढ़ दशक (15 वर्षों) से पर्यावरण संरक्षण, सघन वृक्षारोपण और प्रकृति संवर्धन के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट व ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने जमीनी स्तर पर हजारों पौधे लगाकर और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर समाज में एक अनूठी मिसाल पेश की है।
सैकड़ों पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
'हरियाली बाबा' की पर्यावरण साधना की गूंज देश के कोने-कोने में है। उन्हें अब तक दर्जनों राष्ट्रीय, प्रांतीय और जिला स्तरीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें मुख्य रूप से:
- सरदार वल्लभभाई पटेल अवॉर्ड (अहमदाबाद)
- भगवान बिरसा मुंडा स्मृति पर्यावरण रत्न सम्मान (झारखंड)
- डॉ. बी.आर. अम्बेडकर समाज रत्न सम्मान (उत्तर प्रदेश)
- अनुपम मिश्र स्मृति पर्यावरण गौरव सम्मान (दिल्ली)
- एनवायरमेंट वारियर्स अवार्ड 2024-25 (भारत सरकार)
- सुंदर लाल बहुगुणा स्मृति सम्मान (हरियाणा)
- कोविड-19 सम्मान (यूनाइटेड नेशंस वर्ल्ड पीस एसोसिएशन)
- अलवर शक्ति सम्मान (जिला प्रशासन, अलवर) शामिल हैं।
इसके अलावा उन्हें अर्थ गार्जियन अवार्ड, ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड तथा अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद द्वारा बिरसा मुंडा प्रतिभा सम्मान सहित उपखंड स्तर पर भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
रामभरोस मीणा को राष्ट्रीय स्तर पर इस बड़े सम्मान के लिए चुने जाने पर थानागाजी और पूरे अलवर जिले के पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है तथा उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरी माटी का सम्मान है।


