नियमों की अनदेखी पर कृषि विभाग सख्त, दुकानों और गोदामों पर औचक छापेमारी; लाइसेंस निलंबित, विक्रेताओं में हड़कंप
वैर भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कृषि विभाग ने नियमों की अवहेलना करने वाले कृषि आदान विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मैसर्स अशोक खाद बीज भंडार, हतीजर, वैर का उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस संख्या 381/Agri/2015) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अधिसूचित प्राधिकारी एवं संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद भरतपुर राधेश्याम मीना ने उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), बयाना की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की। जांच में विक्रेता द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री, दुकान पर स्टॉक एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, किसानों को बिक्री का बिल जारी नहीं करना तथा स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराना एवं स्टॉक की जानकारी नहीं देना जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन्हें उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के विभिन्न प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। आदेश के अनुसार संबंधित विक्रेता को निर्देश दिए गए हैं कि वह आदेश जारी होने की तिथि से सात दिवस के भीतर अपना पक्ष अधिसूचित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करे।
इधर, बयाना उपखंड अधिकारी दीपक मित्तल के नेतृत्व में कृषि विभाग के सहायक निदेशक हरभान सिंह तथा कृषि अधिकारी मुनीम सिंह गुर्जर ने बयाना कस्बे में कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानों एवं गोदामों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के स्टॉक, अभिलेखों, मूल्य सूची, बिक्री व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों की शत-प्रतिशत पालना करने तथा किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने, बिल जारी करने और सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


