मानसून में निर्माण स्थलों से रहें दूर, सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय-आरयूआईडीपी; स्कूली बच्चों को सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मानसून के दौरान निर्माण स्थलों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों और सीवरेज प्रणाली के सुरक्षित उपयोग के प्रति बच्चों एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता (कैप) इकाई द्वारा शुक्रवार को आनन्द नगर स्थित एसबीएन सैकण्डरी स्कूल में विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने विद्यार्थियों को बताया कि बरसात के मौसम में निर्माण स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर लगाए गए चेतावनी एवं डायवर्जन संकेतों का हमेशा पालन करें तथा अनावश्यक रूप से निर्माण क्षेत्र के निकट न जाएं। किसी भी प्रकार की सीवरेज संबंधी शिकायत या सुझाव के लिए आरयूआईडीपी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर त्वरित समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि खुले में कचरा फेंकने से सीवर लाइन और जल निकासी मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे जलभराव और संक्रमण की स्थिति उत्पन्न होती है। साथ ही सीवर मेनहोल के ढक्कन कभी नहीं खोलने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सीवरेज प्रणाली का सही उपयोग करे तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक बनाए।
कार्यक्रम के दौरान रसोई एवं बाथरूम से निकलने वाले ठोस कचरे को डस्टबिन में एकत्र कर नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन को सौंपने की अपील भी की गई, ताकि सीवर लाइनें अवरुद्ध न हों और जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
इस अवसर पर एएसडी सुरेन्द्रपाल ने विद्यार्थियों को बताया कि सीवर से निकलने वाले दूषित जल का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाता है। उपचारित जल का उपयोग कृषि, बागवानी एवं सिंचाई जैसे कार्यों में किया जा सकता है, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सीवरेज प्रणाली से संबंधित जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शम्भू शर्मा ने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए आरयूआईडीपी टीम का आभार व्यक्त किया।


