उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही दरकी 5.50 करोड़ की सीएचसी इमारत, एक साल बाद भी नहीं हुई मरम्मत
खजूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दीवारों में दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; ग्रामीणों ने तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग उठाई
जहाजपुर (मो आजाद नेब) को लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित खजूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के नए भवन का लोकार्पण बड़े उत्साह के साथ किया गया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद भवन की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगीं। चिंताजनक बात यह है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन दरारों की मरम्मत नहीं कराई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सरकारी भवन में इतनी कम अवधि में दरारें आ जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि नई इमारत का यह हाल है तो भविष्य में मरीजों, चिकित्साकर्मियों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक न तो निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है और न ही भवन की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई गई है। दीवारों में पड़ी दरारें आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, मानकों की अनदेखी या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भवन की तत्काल मरम्मत कराकर मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


