अलावड़ा में सजेगा दशहरा मेला: 51 फीट का रावण और डिजिटल तीरों से युद्ध रहेगा मुख्य आकर्षण, चार पीढ़ियों से संजोई जा रही है परंपरा
अलावड़ा / राधेश्याम गेरा
विजयदशमी के पावन पर्व पर रामगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत अलावड़ा में 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री शिवराम कला मंच के तत्वावधान में आयोजित 37वीं श्री आदर्श रामलीला के समापन अवसर पर पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में विशाल रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 51 फीट ऊंचे रावण और 41-41 फीट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाएंगे, जिसको लेकर मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं।
पारंपरिक तरीकों से तैयार हो रहे हैं विशाल पुतले
दशहरा मैदान में पुतलों को अंतिम रूप देने में कारीगर जुटे हुए हैं। कारीगर बाबूलाल बैरवा ने बताया कि पुतलों के निर्माण में कड़बी, कट्टों, बांस की बल्लियों, रस्सियों और रंग-बिरंगे कपड़ों का उपयोग किया जा रहा है। सबसे पहले बांस की मजबूत बल्लियों से ढांचा तैयार कर कड़बी और कट्टों से आकार दिया जाता है और अंत में आकर्षक कपड़ों से सजाया जाता है।
डिजिटल तीरों से दिखेगा युद्ध का सजीव नजारा
उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रावण दहन से पूर्व भगवान श्रीराम और रावण के बीच होने वाला युद्ध होगा। इस बार रामलीला के कलाकार आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए 'डिजिटल तीरों' के माध्यम से युद्ध का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद पुतलों का दहन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में ग्रामीणों के जुटने की उम्मीद है।
चार पीढ़ियों का समर्पण और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी
श्री शिवराम कला मंच के अध्यक्ष भवानी कालरा ने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उनके पूर्वज भी रामलीला के आयोजन और व्यवस्थाओं से जुड़े रहे हैं। इस रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बाहर से कलाकार नहीं बुलाए जाते, बल्कि स्थानीय परिवारों के बच्चे, युवा और बुजुर्ग ही विभिन्न किरदार निभाकर अपनी संस्कृति व अभिनय कला को जीवित रखे हुए हैं।

