फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रहें सावधान, राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर ठगी से बचने की एडवाइजरी
जयपुर / राजस्थान
त्योहारी सीजन में फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चल रही भारी-भरकम फेस्टिव सेल के बीच साइबर ठगी का खतरा काफी बढ़ गया है। इसे देखते हुए महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस (आर4सी) ने आमजन के लिए एक सतर्कता एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच साइबर अपराधी त्योहारों की सेल, फ्लैश डील्स और थर्ड-पार्टी वेंडर्स की कमजोरियों का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
फेस्टिव सीजन में सक्रिय हैं ये प्रमुख साइबर खतरे
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एआई शॉपिंग स्कैम: ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके असली दिखने वाले शॉपिंग इंटरफेस और फर्जी डिस्काउंट लिंक तैयार करते हैं।
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फिशिंग मैसेज: एसएमएस या ईमेल के जरिए ऑर्डर अपडेट, गिफ्ट कार्ड या भारी छूट का झांसा देकर यूजर की गोपनीय जानकारी चुराई जाती है।
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फर्जी वेबसाइट्स: बड़े मार्केटप्लेस की हूबहू नकल करने वाले धोखेबाज डोमेन बनाकर क्रेडिट कार्ड और यूपीआई की जानकारी हड़प लेते हैं।
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बास्केट स्नीकिंग: चेकआउट के समय ग्राहकों को बिना बताए छिपे हुए शुल्क, फीस या इंश्योरेंस प्रोडक्ट जोड़ दिए जाते हैं।
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
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हमेशा आधिकारिक मार्केटप्लेस का यूआरएल खुद टाइप करें या वेरिफाइड मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें, किसी भी प्रमोशनल लिंक पर क्लिक करने से बचें।
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लॉटरी या बंपर छूट का दावा करने वाले अनवेरिफाइड व्हाट्सएप संदेशों या एसएमएस पर बिल्कुल भरोसा न करें।
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ऑनलाइन भुगतान से पहले कार्ट की समरी को ध्यान से जांच लें ताकि ऑटो-ऐड हुए छिपे चार्ज सामने आ सकें।
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अपने शॉपिंग अकाउंट्स पर मजबूत पासवर्ड लगाएं तथा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) या बायोमेट्रिक लॉगिन को सक्रिय रखें।
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ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपने कार्ड का विवरण या सीवीवी सेव करने से बचें और सुरक्षित भुगतान गेटवे का प्रयोग करें।
ठगी होने पर यहाँ करें तुरंत संपर्क
यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है या ठगी का प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में संपर्क करें। इसके अलावा आधिकारिक साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर तुरंत सूचना दें।

