वटीकरा शिविर: समस्याओं का अंबार और खानापूर्ति के आरोप, स्कूल रास्ते को लेकर ग्रामीणों का अल्टीमेटम
सरमथुरा, धौलपुर (नाहर सिंह)
राज्य सरकार के पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़े के तहत सरमथुरा उपखंड की ग्राम पंचायत वटीकरा में आयोजित शिविर प्रशासनिक उदासीनता और समस्याओं के अंबार के चलते मात्र एक खानापूर्ति बनकर रह गया। शिविर में साफ-सफाई की कमी, राशन कार्ड संबंधी दिक्कतें, अतिक्रमण के मामले और रेलवे मार्ग निर्माण से स्कूल के रास्ते में आ रही गंभीर बाधा जैसी कई शिकायतें सामने आईं, जो ग्रामीणों की मूलभूत चुनौतियों को उजागर करती हैं।
प्रचार-प्रसार की घोर कमी के कारण इस महत्वपूर्ण पहल का अपेक्षित लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पाया। ग्रामीणों को इन शिविरों की जानकारी न होने से बहुत कम लोग अपनी समस्याओं को लेकर यहां तक पहुंच पाए। इसके बावजूद, कुल 11 परिवाद दर्ज किए गए, जिनमें से 8 अकेले सुनकई गांव से थे। यह दर्शाता है कि भले ही प्रशासन ने शिविर के प्रति उदासीनता बरती हो, ग्रामीणों में अपनी समस्याओं को उठाने की जागरूकता बनी हुई है।
सुनकई गांव के ग्रामीणों ने विशेष रूप से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुनकई तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता रेलवे कार्य के कारण बंद होने की समस्या को गंभीरता से उठाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस महत्वपूर्ण समस्या का *शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे स्कूली शिक्षकों और बच्चों के साथ जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। यह अल्टीमेटम प्रशासन की लापरवाही पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है और दिखाता है कि यदि बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर सकता है। इस दौरान तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन ग्रामीणों को अब त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद है।