प्रसव के बाद मां की मौत से फूटा गुस्सा: CHC चौरी चौरा में 6 घंटे बवाल, स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल
डॉक्टरों की अनुपस्थिति का आरोप, नर्स हिरासत में; विधायक ने जांच का दिया भरोसा, काली शंकर यदुवंशी ने मांगा 10 लाख मुआवजा
गोरखपुर,(शशि जायसवाल) चौरी चौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के बाद एक महिला की मौत ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। देवरिया जिले की 28 वर्षीय नीलम निषाद ने शनिवार रात ऑपरेशन के जरिए एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों ने शव रखकर करीब छह घंटे तक जोरदार हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया।
"बेटा मिला, लेकिन मां चली गई"
मृतका के पति देव निषाद का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल में कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं था। नीलम की तबीयत बिगड़ती रही, लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते इलाज मिलता तो नीलम की जान बच सकती थी। नीलम की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था। बेटे के जन्म की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।
सुबह 5 बजे से अस्पताल का घेराव
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। रविवार सुबह 5 बजे से CHC परिसर में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। आक्रोशित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
विधायक पहुंचे, तब शांत हुआ मामला
- मामले की गंभीरता को देखते हुए चौरी चौरा विधायक ई. सरवन निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और CHC प्रशासन से बात कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक के हस्तक्षेप के बाद करीब 11 बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
नर्स हिरासत में, अधीक्षक ने कहा- हार्ट अटैक से हुई मौत
- हंगामे के बाद पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात नर्स को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दूसरी ओर CHC अधीक्षक डॉ. सर्वजीत प्रसाद ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल था और महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। उन्होंने दावा किया कि इलाज में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं बरती गई।
काली शंकर यदुवंशी का बड़ा हमला
- घटना पर वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही उन्होंने CHC चौरी चौरा की बदहाली और अव्यवस्थाओं को उजागर किया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी का परिणाम है। एक मां की जान चली गई और नवजात बच्चा जन्म लेते ही मां के स्नेह से वंचित हो गया।"
यदुवंशी की तीन बड़ी मांगें
- 1-पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- 2-नवजात बच्चे की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी सरकार उठाए।
- 3-दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरदार नगर PHC का भी उठाया मुद्दा
- यदुवंशी ने दावा किया कि बीती रात सरदार नगर (कर्माह) PHC के निरीक्षण के दौरान वहां भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला और अस्पताल एक नर्स के भरोसे संचालित हो रहा था।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही अब जनता के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
- फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि नीलम निषाद की मौत चिकित्सा लापरवाही से हुई या फिर वास्तव में हार्ट अटैक इसकी वजह था।
एक मां की मौत, एक नवजात का अनाथ सा बचपन और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते सवाल—चौरी चौरा की यह घटना पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी बन गई है।


