नीमला में बंदरों का आतंक, 10 वर्षीय बालिका को किया घायल, घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं लोग
सकट.क्षेत्र के नीमला गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक फैला हुआ है। बंदर अब तक कई बच्चों महिलाओं व पुरुषों को हमला कर घायल कर चुके हैं शुक्रवार को भी बंदरों ने हमला कर एक 10 वर्षीय बालिका को घायल कर दिया। ग्रामीण हरीश कुमार जैमन ने बताया कि मेरी भतीजी कनिका जैमन सुबह अपने घर पर एक कमरे से दूसरे कमरे में जा रही थी इसी दौरान चार-पांच बंदरों के झुंड ने एक साथ आकर बच्ची के ऊपर हमला कर घायल कर दिया बच्ची की चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजनों ने आकर आतंकी बंदरों चुंगल से बच्ची को छुड़ाया। बंदरों के हमले के बाद बच्ची के शरीर पर कई जगह नाखून दांतों के निशान हो गए और खून बहने लगा जिसके बाद परिजन बच्ची को ईलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। उन्होंने बताया कि बंदर अब तक गांव में हमला कर 10-15 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बंदरों का आतंक इतना फैला हुआ है की सर्दी के मौसम में भी लोग घरों के अंदर ही दुबके रहते हैं और धूप में मकान की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। उन्हें हर समय यहीं डर सताता रहता है कि कब कोई बंदर हमला कर दे। साथ ही बच्चों का घरों से बाहर खेलना मुश्किल हो गया है, महिलाओं का छतों पर कपड़े सुखाना मुश्किल हो गया है। बंदर घरों में घुसकर सामान निकाल कर ले जाते हैं, रोकने या टोकने पर लोगों के पीछे लग जाते हैं। लोग बच्चों को अकेला घर छोडकऱ नहीं जा सकते है। ग्रामीण ने ग्राम पंचायत प्रशासन से बंदरों को पकड़ा कर जंगल में छोड़ने की मांग की है।
- राजेंद्र मीणा की रिपोर्ट