सरसैना में मनाया गया महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस
हलैना (विष्णु मित्तल)प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम सरसैना में 25 दिसंबर को वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के 262वें बलिदान दिवस का आयोजन बाबा फतेह सिंह स्मारक पर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाराजा सूरजमल विकास मंच एवं नवयुवक मंडल के तत्वावधान में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत युगपुरुष महाराजा सूरजमल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद पूरे गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महाराजा सूरजमल विकास मंच के अध्यक्ष राजवीर सरसैना ने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के ही महानायक नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श पुरुष थे। उन्होंने गरीबों, कमजोरों और अत्याचार के विरुद्ध लड़ते-लड़ते वीरगति प्राप्त की। उन्होंने 80 युद्ध लड़े और कभी पराजित नहीं हुए। उनकी वीरता की गाथाएँ इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं।
उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी शासक भी थे। इतिहास में उन्हें ‘एशिया का प्लूटो’ कहा गया है। भरतपुर का प्रसिद्ध लोहागढ़ किला उनकी सूझबूझ और अद्वितीय स्थापत्य कला का प्रतीक है। अंग्रेजों और मुगलों ने 13 बार आक्रमण किया, परंतु किले की दीवारें आज भी अपराजेय खड़ी हैं।
कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल विकास मंच के अध्यक्ष राजवीर सरसैना, सहकारी समिति डाइरेक्टर केशव ओरिया, बच्चू सिंह, दीवान सिंह, वीरेंद्र सरसैना, महिला कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कुसुम हरेंद्र सरसैना, उदयवीर, श्याम फौजदार, किशनू फौजदार, मानू फौजदार, नवीन, उमाशंकर, राहुल अट्टा, पुष्पेंद्र कुंतल, राजदेव, गोपाल, जितेंद, पुष्पेंद्र, राम फौजदार, यदुवीर कुंतल, जय सिंह, अमित, हेमेंद्र, बदन ठाकुर आदि उपस्थित रहे।


