रामबास में श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन:कथावाचक ने सुनाई वामन अवतार, राम-कृष्ण जन्म की कथा
गोविंदगढ़ (अलवर) के रामबास स्थित श्री कलाधारी आश्रम में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को कथावाचक पंडित नृत्यगोपाल शास्त्री ने वामन अवतार, श्रीराम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कलयुग में भागवत कथा श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी जन्मों के पापों का नाश होता है।
पंडित शास्त्री ने राम जन्म, कृष्ण जन्म और उनकी बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मानव शरीर मिलता है। जब-जब धरती पर अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु अवतार लेते हैं।

कथावाचक ने बताया कि प्रभु का अवतार अत्याचारों को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रावण के अत्याचार बढ़ने पर श्रीराम का जन्म हुआ और कंस द्वारा सभी मर्यादाएं तोड़ने पर भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया।
पंडित शास्त्री ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन सांसारिक भोगों के लिए नहीं मिला है, बल्कि आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़कर विषय-वस्तुओं को भोगने में लगा हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि मानव जीवन का शाश्वत उद्देश्य कृष्ण की प्राप्ति है।
उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का लक्ष्य कृष्ण को प्राप्त करके ही देह त्यागना है। यदि हम यह दृढ़ निश्चय कर लें कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है, तो प्रभु से बढ़कर कोई सुख, संपत्ति या संपदा नहीं है।
कथावाचक ने यह भी बताया कि भागवत कथा मन को शांति प्रदान करती है और अहंकार का नाश करती है। कथा सुनने के लिए पहुंचे श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे थे, जिससे पूरे इलाके में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
इस दौरान तकिया मंदिर सैमलाखुर्द से पधारे बाबा विजयदास के सानिध्य मे गाँव के प्रबुद्धजानो के कथावाचक का माला पहनाकर सम्मान किया, 29 दिसंबर को बाली चरित्र और गोवर्धन पूजन की कथा के साथ कथा का विश्राम होगा।