बीमार रिटायर्ड प्रिंसिपल और प्रशासक के फर्जी साइन कर बनाया आय प्रमाण पत्र, ई-मित्र ऑपरेटर पर FIR दर्ज
सीकर/दादिया। जिले की कूदन ग्राम पंचायत में एक ई-मित्र ऑपरेटर द्वारा रसूखदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर का उपयोग कर दस्तावेज तैयार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दादिया थाना पुलिस ने कूदन के ‘सृष्टि ई-मित्र’ ऑपरेटर अशोक कुमार के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोमा में चल रहे अधिकारी के नाम का सहारा हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने डॉक्यूमेंट अटेस्ट करने के लिए रिटायर्ड लेक्चरर मदन लाल की मुहर का इस्तेमाल किया। रिकॉर्ड के अनुसार, मदन लाल मई 2024 में एक सड़क दुर्घटना के बाद लंबे समय तक कोमा में रहे और 28 फरवरी 2026 को रिटायर हो चुके हैं। वे वर्तमान में भी उपचाराधीन हैं, लेकिन आरोपी ने उनके नाम की पुरानी मुहर बनवाकर फर्जी साइन कर दिए।
सरपंच की अवैध मुहर का उपयोग दादिया थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, कूदन में वर्तमान में रामप्यारी देवी प्रशासक (सरपंच) के पद पर हैं। राज्य सरकार के नियमानुसार 6 अक्टूबर 2025 के बाद केवल ‘प्रशासक’ की मुहर ही मान्य है। आरोप है कि ई-मित्र ऑपरेटर अशोक कुमार ने ओमप्रकाश नामक व्यक्ति के आय प्रमाण पत्र पर सरपंच की पुरानी और अवैध मुहर लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज इस पूरे खेल का खुलासा 8 दिसंबर 2025 को हुआ, जब ग्राम विकास अधिकारी (VDO) वीरेंद्र तंवर के पास जन आधार अटेस्टेशन के लिए ओमप्रकाश के दस्तावेज पहुंचे। शक होने पर जब VDO ने गहनता से वेरिफिकेशन किया, तो पाया कि:
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सरपंच की मुहर अवैध थी और हस्ताक्षर जाली थे।
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जिस राजपत्रित अधिकारी (मदन लाल) की मुहर लगी थी, वे लंबे समय से कोमा में होने के कारण हस्ताक्षर करने की स्थिति में ही नहीं थे।
पुलिस कार्रवाई VDO वीरेंद्र तंवर की लिखित शिकायत पर दादिया पुलिस ने आरोपी ई-मित्र संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक और कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं और इसमें कौन-कौन शामिल है।