जन्मदिन के अवसर पर पक्षियों के लिए लगाए गए परिंडे
रैणी (अलवर): भीषण गर्मी के इस मौसम में "आइए हम बेजुबान पक्षियों की आवाज बनें" की भावना को साकार करते हुए, मंगलवार को सुभाष मीणा (भीखाहेड़ी) ने अपने जन्मदिन के अवसर पर एक प्रेरणादायक पहल की। इस खास दिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर, उन्होंने प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा को प्राथमिकता दी।
- पक्षियों का संघर्ष और हमारी जिम्मेदारी
पक्षियों में आसमान छूने का जज़्बा होता है, लेकिन वे अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते। जहाँ इंसान अपनी प्यास बुझाने के लिए कई साधन जुटा लेता है, वहीं इन पक्षियों को पानी की एक बूंद के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ता है।
"जब तपती गर्मी में इंसान पंखे, कूलर और एसी के बिना परेशान हो जाता है और दो मिनट बिजली जाने पर हालात बिगड़ जाते हैं, तो कल्पना कीजिए उन बेजुबान पक्षियों की जो खुले आसमान के नीचे झुलस रहे हैं।"
- जन्मदिन पर नेक पहल
इसी मानवीय संवेदना के साथ सुभाष मीणा के नेतृत्व में 31 परिंडे लगाए गए, ताकि प्यासे पक्षियों को शीतल जल मिल सके। इस अवसर पर उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से इन परिंडों में पानी भरना सुनिश्चित करेंगे।
उपस्थित गणमान्य जन: इस सुअवसर पर सुभाष के साथ समीर, हर्ष, गौरव, रामकेश, टीकाराम, मुरारी सहित क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे और इस मुहिम में अपना सहयोग दिया।
इस अवसर पर मौजूद पूरी टीम ने मीडिया के माध्यम से सभी प्रियजनों और क्षेत्रवासियों से विनम्र निवेदन किया है:
-
परिंडा अभियान: अपने घर के आसपास, छतों पर या पेड़ों पर पक्षियों के लिए कम से कम एक परिंडा अवश्य लगाएं।
-
नियमितता: केवल परिंडा लगाना काफी नहीं है, उसमें नियमित रूप से साफ पानी भरें।
-
दाना-पानी: संभव हो तो छायादार स्थानों पर पक्षियों के लिए दाने की भी व्यवस्था करें।


