विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष: बदलता मौसम बना चिंता का विषय, तेजी से बढ़ रहा है तापमान का रिकॉर्ड
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी रिपोर्ट में देश में तेजी से बदलते मौसम और पर्यावरण दिवस की गंभीर तस्वीरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कटे जंगल, घटते घने जंगल और भारी प्रदूषण वाले मौसम का संतुलन लगातार बना हुआ है, जिसका असर सारगर्भित रूप से स्पष्ट रूप से सामने आया है।
विशेषज्ञ का कहना है कि यदि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अगले वर्षों में गर्मी, सूखा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं और वृद्धि हो सकती है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लोगों से अधिक से अधिक प्रतिबंध लगाने, जल संरक्षण निषेध और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई है। पर्यावरण का मानना है कि पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकारी भागीदारी ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। आने वाली परियोजना को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज से ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमें सभी को मिलकर जन आंदोलन बनाना होगा।


