भीलवाड़ा में 'ऊर्जा उपवास अभियान' का शंखनाद: पांच प्रतिशत ऊर्जा बचत से बनेगा जीवन खुशहाल
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल,) भारत सहित विश्व के अधिकतर राष्ट्र जब इन दिनों युद्धों की विभिषिका के कारण ऊर्जा संकट से जूझ रहे है तब विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर भीलवाड़ा से सामाजिक संगठनों ने ऊर्जा उपवास अभियान का आगाज कर भीलवाड़ावासियों को दैनिक जीवन में ऊर्जा का उपभोग कम करने के लिए प्रेरित किया है। उम्मीद है कि भीलवाड़ा से शुरू हुई पहल राजस्थान ओर देश के लिए रोलमॉडल का कार्य करेंगी। अपना संस्थान भीलवाड़ा, भारत विकास परिषद भीलवाड़ा एवं नगर निगम की ओर संयुक्त रूप से प्रारंभ उर्जा उपवास अभियान शुभारंभ कार्यक्रम नगर निगम के महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने की। मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् तिलोकचंद छाबड़ा रहे। अतिथियों एवं वक्ताओं ने ऊर्जा उपवास अभियान के रूप में उर्जा बचत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऊर्जा की बचत ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ राष्ट्र के विकास का आधार बनेगी। दैनिक दिनचर्या में ऊर्जा का उपभोग कम कर जीवन खुशहाल बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के शुरू में अपना संस्थान के सचिव विनोद मैलाना ने अभियान की भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष भर चलने वाले इस अभियान में प्रत्येक शुक्रवार को ऊर्जा उपवास अभियान चला लोगों को किसी ने किसी रूप में ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक ओर धार्मिक संस्थाओं व शहर के प्रबुद्धजन एवं युवाओं को इस अभियान से जोड़ते हुए ऊर्जा बचत कर राष्ट्र विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम पांच प्रतिशत ऊर्जा खपत कम करने का लक्ष्य रख इसके लिए अनुरूप जीवनशैली ओर दिनचर्या में बदलाव करने होंगे। अभियान के तहत गोष्ठी व जनजागरण के विभिन्न कार्यक्रम होंगे ओर लोगों को ऊर्जा उपवास किस तरह सकते ये समझाया जाएगा।
मुख्य अतिथि तिलोकचंद छाबड़ा ने कहा कि यदि हमने ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो पर्यावरण से जुड़ी चुनौेतियों का सामना करना मुश्किल होगा। इसके लिए लोक व्यवहार ओर रीति रिवाज के नाम पर हम जो आदते अपना चुके उन्हें बदलने की जरूरत है। हर व्यक्ति को ऊर्जा उपवास अभियान में सहभागी बन दैनिक जीवन में इस तरह का बदलाव करना होगा कि ऊर्जा का उपभोग कम हो सके। सरकारी ओर गैर सरकारी हर स्तर पर इसके लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए सुनने से अधिक करने की जरूरत है। प्रकृति की संपदा पर किसी एक का नहीं सबका समान हक है ओर मालिक केवल प्रकृति है। बच्चों ओर युवाओं को जोड़े बिना ऐसे अभियान सफल नहीं हो सकते। उन्हें भविष्य की खुशहाली के लिए ऊर्जा संरक्षण का महत्व समझाना होगा। प्रकृति को सुरक्षित रखते हुए जीना सीखना होगा।
उद्यमी छाबड़ा ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने कार्यालय एवं फैक्ट्री में ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रयास शुरू किए है ओर उसके क्या परिणाम मिल रहे है। ऐसे अभियान कुछ संगठनों तक सीमित नहीं होकर सभी को जोड़ना होगा ओर आमजन की मुहिम बनानी होगी। नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने अभियान को प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इस तरह की मुहिम को सफल बनाने में नगर निगम हर तरह से सहयोग करने के लिए तैयार है। अभियान के तहत प्रत्येक व्यक्ति को ऊर्जा बचत के महायज्ञ में अपनी आहुति देनी होगी। अध्यक्षता कर रहे भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने कहा कि ऊर्जा उपवास अभियान परिषद का नहीं होकर हर व्यक्ति से जुड़ा हुआ है ओर सभी को इसका महत्व समझ इसको सफल बनाने में सहयोग करना होगा।
उन्होंने कहा कि हम अपनी जीवनशैली में ऐसे बदलाव करने होंगे जिससे ऊर्जा की बचत हो ओर पर्यावरण पर मंडरा रहे खतरे को कम किया जा सके। ऊर्जा की बचत ही उर्जा का उत्पादन है। कक्ष से बाहर निकलते ही लाइट स्विच ऑफ करने को अपनी आदत बनाए ओर सप्ताह में एक दिन वाहन उपवास करे। कार्यक्रम में अपना संस्थान की साधना मेलाना, भारत विकास परिषद भीलवाड़ा के समन्वयक श्यामलाल कुमावत, नगर निगम के सीएसई संजय खोखर, वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष मदनलाल खटोड़ सहित समाज के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं स्वंयसेवी संगठनों से जुड़े कई गणमान्यजन भी मौजूद थे। संचालन भारत विकास परिषद के विनोद कोठारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक रूप से ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने के लिए दो मिनट लाइट बंद रखी गई। कार्यक्रम के शुरू में अतिथियों ने भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद की छवि पर माल्यापर्ण किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
- खुले सत्र में आमजन ने दिए ऊर्जा बचाने से जुड़े सुझाव
कार्यक्रम के दौरान दस मिनट की अवधि का खुला सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान कई श्रोताओं ने ऊर्जा बचाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए। इनमें माह में एक दिन व्हीकल फ्री डे रखने, वाहन शेयरिंग को बढ़ावा देने, पूर्णिमा के दिन रोड लाइट बंद रखने, स्नान में एक छोटी बाल्टी पानी का ही उपयोग करने, दिन में यथासंभव लाइट नहीं जलाने, सीएफएल व बायो गैस का अधिक उपयोग करने, रेड लाइट पर गाड़ी बंद रखने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग अधिक करने, जैसे कई उपयोगी सुझाव मिले। सुझाव देने वालों में अरूण मुछाल, नरेन्द्र बापना, राजकुमार गहलोत, कमलेश बोड़ाना, राजेन्द्र गुप्ता, सावित्री शर्मा, अशोक गोयल, महावीर पारीक, महेन्द्र माहेश्वरी आदि श्रोता शामिल थे।
- किसी भी रूप में ऊर्जा बचा जुड़ सकते अभियान से
ऊर्जा उपवास अभियान में आमजन किसी भी रूप में ऊर्जा का उपभोग कम कर सहभागी बन सकेगा। ये उपवास शरीर को कष्ट देकर नहीं बल्कि पेट्रोल-डीजल की बचत कर, बिजली-पानी का उपभोग कम करके, एयर कंडीशन कम चलाकर, मोबाइल का उपयोग कम करके, टीवी कम चलाने सहित विभिन्न माध्यम से किया जा सकेगा। अभियान के दौरान विभिन्न जगजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से ये समझाया जाएगा कि किस तरह हम अपनी दैनिक दिनचर्या व जीवनशैली में बदलाव कर ऊर्जा का उपभोग कम कर सकते है। अभियान के माध्यम से हर शुक्रवार या सप्ताह में किसी एक दिन मोबाइल उपयोग नहीं करने, टीवी नहीं देखने, एसी का उपयोग नहीं करने, वाहन का उपयोग नहीं करने जैसे कार्य के लिए प्रेरित किया जाएगा।


