मकराना में अकीदत के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व, मुल्क में अमन-चैन की मांगी दुआएं
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। मार्बल नगरी मकराना में गुरुवार को त्याग, समर्पण और अकीदत का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास और मजहबी माहौल के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य नमाज ईदगाह मैदान सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में अदा की गई, जहाँ हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। पर्व को लेकर सुबह से ही अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखा गया। नए वस्त्र पहनकर बच्चे, युवा और बुजुर्ग नमाज अदा करने के लिए ईदगाह मैदान और मस्जिदों की ओर रवाना हुए।
शहर की मस्जिदों में सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर ईद की नमाज पढ़ाई गई। वहीं मुख्य ईदगाह मैदान में सुबह साढ़े 6 बजे नमाज का आयोजन हुआ। ईदगाह मैदान में विशेष रूप से सम्भल (उत्तर प्रदेश) से तशरीफ लाए मौलाना मुज्तबा हसन ने नमाज अदा करवाई और खुतबा पेश किया। उन्होंने अपनी तकरीर में ईद-उल-अजहा के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा "ईद-उल-अजहा का यह मुकद्दस पर्व हमें आत्मत्याग और समर्पण का संदेश देता है। हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की रजा के लिए अपने पुत्र हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम को कुर्बानी के लिए पेश कर दिया था। यह इतिहास हमें सबक सिखाता है कि खुदा की राह में और इंसानियत की भलाई के लिए अगर हमें अपनी सबसे अजीज चीज का भी त्याग करना पड़े, तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए।"
नमाज के मुकम्मल होने के बाद बारगाह-ए-इलाही में हाथ फैलाकर मुल्क में अमन, चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में सुन्नत-ए-इब्राहिमी के तहत कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ, जो आगामी तीन दिनों तक जारी रहेगा। नमाज के उपरांत अंजुमन की जानिब से ईदगाह मैदान में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
इस समारोह ने शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता को एक बार फिर रेखांकित किया। समारोह में मकराना के विधायक जाकिर हुसैन गैसावत, अंजुमन सदर मौलाना गुलाम सय्यद अली, अंजुमन सचिव रफीक अहमद गौड़, अब्दुल हलीम रांदड़, शकील अहमद चना फरोश, पुलिस उपाधीक्षक विक्की नागपाल तथा थानाधिकारी जगदीश मीणा विशेष रूप से मौजूद रहे। उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने मुस्लिम समाज के लोगों को गले मिलकर ईद की बधाई दी। अंजुमन की ओर से आए हुए मेहमानों का इस्तकबाल किया गया। इस दौरान कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।


