उपनिदेशक ने टांडा, धौर आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी के निर्देशानुसार आईसीडीएस उप निदेशक सिकरामा राम चोयल ने उपखंड क्षेत्र भरतपुर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र टांडा (सेवर) पर कार्यकर्त्ता सुनीता शर्मा उपस्थित मिलीं, जबकि सहायिका मंजू अनुपस्थित पाई गईं। इस पर उपस्थित एलएस ममता अग्रवाल को निर्देश दिए गए कि अनुपस्थित सहायिका के विरुद्ध सीडीपीओ कार्यालय सेवर से नोटिस जारी किया जाए। केंद्र वर्तमान में किराये के भवन में संचालित हो रहा है, क्योंकि राजकीय विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण ध्वस्त किया जा चुका है।
शाला पूर्व शिक्षा में पंजीकृत 25 बच्चों में से 16 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों को मीठे मुरमुरे वितरित किए गए। मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत दूध पाउडर का स्टॉक शून्य पाया गया। एफआरएस के माध्यम से टीएचआर वितरण में 31 में से 30 लाभार्थी जुड़े हुए हैं। न्यूट्री किट उपलब्ध नहीं होने का कारण उस समय गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण न होना बताया गया। सेनेटरी नैपकिन का वितरण 175 लाभार्थियों को किया जा चुका है। पीएमएमवीवाई योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 5 माताओं के आवेदन ऑनलाइन किए गए हैं।
इसके पश्चात उप निदेशक ने आंगनबाड़ी केंद्र धौर द्वितीय (सेवर) का निरीक्षण किया, जहां एलएस ममता अग्रवाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता आशा देवी एवं सहायिका ललिता उपस्थित मिलीं। यह केंद्र राजकीय विद्यालय परिसर में संचालित है। कार्यकर्त्ता को निर्देश दिए गए कि केंद्र में पड़े टूटे-फूटे सामान एवं पुराने पोस्टर-बैनर का निस्तारण किया जाए।
यह केंद्र आदर्श आंगनबाड़ी के रूप में विकसित किया गया है, जहां सीडीपीओ सेवर के माध्यम से छत की मरम्मत, नए फर्श का निर्माण, रसोई में स्लैब, पानी की टंकी, आरओ, पंखे एवं विद्युत फिटिंग का कार्य कराया गया है। केंद्र के शौचालय से विद्यालय का ट्यूबवेल लगभग 100 मीटर दूरी पर स्थित है।
इस पर सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि ट्यूबवेल से पानी की टंकी तक पाइपलाइन बिछाकर नल कनेक्शन से जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि एफआरएस के तहत टीएचआर वितरण में 56 में से 52 लाभार्थी जुड़े हैं। ईसीसीई में 19 बच्चों में से 5 की अपार आईडी बनाई जा चुकी है, जबकि शेष 12 बच्चों का बाल आधार बनवाने के निर्देश दिए गए। केंद्र पर बच्चों को किलकारी, उमंग एवं तरंग पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।
बच्चे कविता पाठ कर रहे हैं एवं खिलौनों के साथ आनंदपूर्वक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। न्यूट्री किट में 3 प्राप्त एवं 3 का वितरण किया जा चुका है। सेनेटरी नैपकिन 170 में से 123 लाभार्थियों को वितरित किए गए हैं, जबकि शेष 47 को शीघ्र वितरण के निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने एवं योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।


